दिव्या भारती का अधूरा सपना, इस सुपरस्टार संग रोमांस करना चाहती थीं, पर किस्मत ने नहीं दिया मौका

Divya Bharti ने कम समय में बॉलीवुड में बड़ी पहचान बनाई, लेकिन जीतेंद्र संग रोमांस करने का सपना अधूरा रह गया। अमिताभ बच्चन की दीवानी दिव्या की मौत ने इंडस्ट्री को झकझोर दिया और कई फिल्में अधूरी रह गईं।
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दिव्या भारती (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
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Divya Bharti Life Story: 90 के दशक में दिव्या भारती ने बेहद कम समय में हिंदी सिनेमा में अपनी खास पहचान बना ली थी। दक्षिण भारतीय फिल्मों से करियर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा और अपनी चुलबुली अदाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया। हालांकि, 5 अप्रैल 1993 को उनकी अचानक मौत ने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया।

दिव्या भारती बचपन से ही सुपरस्टार्स की दीवानी थीं, खासकर अमिताभ बच्चन की। एक बार जब वह अपने पिता के साथ एक कार्यक्रम में पहुंचीं, तो वहां उनकी मुलाकात अमिताभ बच्चन से हुई। इस मुलाकात से वह इतनी खुश हो गईं कि उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि वह कई दिनों तक हाथ नहीं धोना चाहती थीं, क्योंकि उन्होंने अपने पसंदीदा स्टार से हाथ मिलाया था।

जितेंद्र के साथ काम करने का सपना अधूरा

हालांकि, दिव्या भारती का सबसे बड़ा सपना जीतेंद्र के साथ स्क्रीन पर रोमांस करने का था। उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में इस बात का जिक्र किया था कि वह स्कूल के दिनों से ही जितेंद्र को बेहद पसंद करती थीं। लेकिन जब उन्होंने फिल्मों में कदम रखा, तब तक जितेंद्र ने हीरो के बजाय पिता के किरदार निभाने शुरू कर दिए थे, जिससे उनका यह सपना अधूरा रह गया।

पढ़ाई से दूर, एक्टिंग से जुड़ा मन

दिव्या भारती का मन बचपन से ही फिल्मों में लगता था। उन्होंने खुद बताया था कि उन्हें पढ़ाई में ज्यादा रुचि नहीं थी और वह एक्टिंग को ज्यादा आसान और दिलचस्प मानती थीं। यही वजह थी कि उन्होंने कम उम्र में ही फिल्म इंडस्ट्री में करियर बनाने का फैसला कर लिया। उन्होंने 1990 में तमिल फिल्म ‘निल्ली पन्ने’ से अपने करियर की शुरुआत की और फिर ‘विश्वात्मा’ से बॉलीवुड में कदम रखा। लेकिन असली पहचान उन्हें दीवाना से मिली, जिसमें ऋषि कपूर और शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया।

अधूरे रह गए कई प्रोजेक्ट्स

दिव्या भारती के निधन के समय उनकी कई फिल्में लाइन में थीं, जिनमें ‘लाडला’, ‘मोहरा’, ‘विजयपथ’, ‘कन्यादान’ और ‘आंदोलन’ शामिल थीं। उनकी मौत के बाद इन फिल्मों में दूसरी अभिनेत्रियों को कास्ट किया गया और इनमें से ज्यादातर फिल्में सुपरहिट साबित हुईं। दिव्या भारती का जीवन और करियर दोनों ही अधूरी कहानी की तरह हैं। कम समय में मिली अपार सफलता और अचानक हुई मौत ने उन्हें हमेशा के लिए एक रहस्य और यादों का हिस्सा बना दिया।

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