'तुम्हारे अंदर भारतीय सेना का खून है', बेटों से संपर्क न होने पर सेलिना जेटली ने सोशल मीडिया पर बयां की पीड़ा

Celina Jaitly Emotional Post: तलाक की लड़ाई के बीच सेलिना जेटली ने गणतंत्र दिवस पर अपने बच्चों के नाम भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने बच्चों को उनकी भारतीय सैन्य विरासत की याद दिलाई है।
Celina Jaitly Emotional Post
Celina Jaitly Emotional Post (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Celina Jaitly Republic Day Post: बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के लिए इस साल का गणतंत्र दिवस खुशियों के बजाय आंसुओं से भरा रहा। अपने पति पीटर हाग से तलाक की कानूनी लड़ाई लड़ रहीं सेलिना फिलहाल अपने बच्चों से दूर हैं। 26 जनवरी के खास मौके पर, जब पूरा देश जश्न में डूबा था, अभिनेत्री अपने तीनों बेटों विंस्टन, विराज और आर्थर को याद कर भावुक हो गईं।

सोशल मीडिया पर साझा किया गया उनका यह पोस्ट एक मां की बेबसी और अपने बच्चों के प्रति प्रेम को बयां कर रहा है। उनके बच्चे फिलहाल अपने पिता के साथ ऑस्ट्रिया में हैं और सेलिना उनसे संपर्क नहीं कर पा रही हैं।

"मम्मी तुम्हारे साथ राष्ट्रगान नहीं गा पाएगी": सेलिना का भावुक पत्र

सेलिना ने इंस्टाग्राम पर अपने बेटों के नाम एक पत्र साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि आज उनका दिल बहुत भारी है। उन्होंने लिखा, "आज मम्मी तुम तीनों के लिए यह लिख रही है क्योंकि मैं तुमसे संपर्क नहीं कर पा रही हूं। मुझे दुख है कि हम इस साल गणतंत्र दिवस की परेड साथ नहीं देख पाएंगे और मैं तुम्हारे साथ राष्ट्रगान गाने के लिए वहां मौजूद नहीं हूं। मुझे उम्मीद है कि तुम्हें वह समय याद होगा जब नाना की रेजिमेंट को मार्च करते देख मैं गर्व से रो पड़ती थी।"

"तुम्हारे अंदर भारतीय सैनिकों का खून है"

अपने बेटों को उनकी जड़ों की याद दिलाते हुए सेलिना ने लिखा कि उन्हें अपनी भारतीय पहचान पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि उनके नाना की कुमाऊं रेजिमेंट, मामा की पैरा एसएफ और परनाना की राजपूताना राइफल्स (राजलिफ) की सैन्य विरासत उनके खून में है। अभिनेत्री ने बच्चों से कहा, "यह मत भूलो कि तुम आधे भारतीय हो। तुम महान और सम्मानित पुरुषों और महिलाओं के वंशज हो। कुमाऊं के वीर राजपूतों का खून तुम्हारी रगों में दौड़ रहा है, तुम्हें इस विरासत को आगे बढ़ाना है।"

बच्चों से अलग होने का दर्द और पहचान खोने का डर

सेलिना ने इस पोस्ट के जरिए अपनी गहरी चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उन्हें डर है कि कहीं बच्चों को उनकी भारतीय जड़ों से दूर न कर दिया जाए या उनकी पहचान मिटाने की कोशिश न की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोई दयालु व्यक्ति उनके बच्चों को यह पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। सेलिना का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहाँ लोग एक मां के इस संघर्ष और दर्द को देखकर उनके प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त कर रहे हैं।

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