‘रंगा-बिल्ला’ केस के डर से घर में कैद हो गए थे Bobby Deol, पिता धर्मेंद्र ने लगा दी थी सख्त पाबंदियां

Bobby Deol Security: बॉबी देओल ने खुलासा किया कि ‘रंगा-बिल्ला’ केस के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित हो गया था। एक दोस्त के अपहरण होने के बाद धर्मेंद्र ने उन पर सख्त पाबंदियां लगा दी थीं।
Bobby Deol Childhood Story Ranga Billa Crime Case Dharmendra Security
बॉबी देओल और धर्मेंद्र (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bobby Deol Chilhood Story: बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल आज अपनी दमदार एक्टिंग और अलग-अलग किरदारों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन उनके बचपन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है जिसने उनकी जिंदगी पर गहरा असर डाला था। हाल ही में एक पुराने पॉडकास्ट में बॉबी ने खुलासा किया था कि कुख्यात ‘रंगा-बिल्ला’ अपराध मामले के बाद उनके परिवार ने उनकी सुरक्षा को लेकर कई सख्त फैसले लिए थे।

1970 के दशक के सबसे चर्चित अपराध मामलों में से एक ‘रंगा-बिल्ला’ केस था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना का असर आम लोगों के साथ-साथ फिल्मी सितारों के परिवारों पर भी पड़ा था। हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज राख भी इसी चर्चित अपराध कथा से प्रेरित बताई जाती है। बॉबी देओल ने बताया कि उस समय वे छठी कक्षा में पढ़ते थे। उसी दौरान उनके एक करीबी दोस्त का अपहरण हो गया था।

दोस्त ने लिया था बॉबी का नाम

बॉबी के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने उनके दोस्त से स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों के बारे में जानकारी मांगी थी। बातचीत के दौरान दोस्त ने बॉबी देओल का नाम भी बता दिया था। इस घटना के बाद उनके परिवार की चिंता काफी बढ़ गई। अभिनेता ने बताया कि जब यह बात घरवालों को पता चली, तो उनके पिता धर्मेंद्र ने उनकी सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपना लिया। स्कूल से घर लौटने के बाद उन्हें बाहर खेलने तक की अनुमति नहीं थी।

घर के अंदर सीखी साइकिल चलाना

बॉबी देओल ने याद करते हुए कहा कि उस घटना के बाद पापा ने मुझे घर से बाहर निकलने ही नहीं दिया। मैं साइकिल चलाना सीखना चाहता था, लेकिन मुझे घर के अंदर ही इसकी प्रैक्टिस करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर इतना सतर्क हो गया था कि उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई थी।

कॉलेज में भी लगा रहता था ‘कर्फ्यू’

सिर्फ बचपन ही नहीं, कॉलेज के दिनों में भी बॉबी देओल पर कई तरह की पाबंदियां थीं। उन्होंने बताया कि जहां उनके दोस्त देर रात तक हाउस पार्टियों का आनंद लेते थे, वहीं उन्हें रात 9 बजे तक हर हाल में घर लौटना पड़ता था। बॉबी ने कहा कि उनके लिए यह एक तरह का ‘कर्फ्यू’ था, लेकिन अब पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें एहसास होता है कि यह सब उनकी सुरक्षा के लिए किया गया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com