Sahir Ludhianvi Birthday: मरने के बाद भी विवादों ने नहीं छोड़ा साहिर लुधियानवी का साथ

साहिर लुधियानवी ने अपनी स्कूली शिक्षा लुधियाना के खालसा हाई स्कूल में की थी। कॉलेज के दिनों में ही वे अपने शेर और शायरी के लिए मशहूर हो गए थे। वह एक भारतीय कवि है। उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए तमाम गाने लिखे हैं।
Sahir Ludhianvi Birthday: मरने के बाद भी विवादों ने नहीं छोड़ा साहिर लुधियानवी का साथ
साहिर लुधियानवी (सौ.सोशल मीडिया)
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मुंबई: साहिर लुधियानवी का जन्म 8 मार्च 1921 को करीमपुरा, लुधियाना पंजाब में हुआ था। उनका जन्म एक पंजाबी मुस्लिम परिवार में हुआ था। साहिर का असली नाम अब्दुल हई है। साहिर ने अपनी स्कूली शिक्षा लुधियाना के खालसा हाई स्कूल में की थी। कॉलेज के दिनों में ही वे अपने शेर और शायरी के लिए मशहूर हो गए थे। वह एक भारतीय कवि और संगीतकार है। उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए तमाम गाने लिखे हैं।

साहिर लुधियानवी ने हिंदी और उर्दू भाषा में गाने लिखे है। साहिर 20वीं सदी के सबसे बेहतरीन गीतकार और कवि में से एक थे। साहिर के गीत के बोल काफी मायने के होते हैं। साहिर ने अपने हर भोगे हुए यथार्थ को अपने नज्मों और गीतों में पिरोया है। साथी हाथ बढ़ाना जैसे गीत लिखकर साहिर ने सामाजिक सहायता को बढ़ावा दिया।

दो बार सिनेमा के प्रतिष्ठित पुरस्कार फिल्म फेयर अवॉर्ड से सम्मानित हुए। पहली बार 1964 में, उन्हें फ़िल्म ताजमहल के गीत 'जो वादा किया' के लिए, फिर दूसरी बार 1977 में, उन्हें फिल्म कभी-कभी के गीत 'कभी कभी मेरे दिल में' के लिए सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गीतकार के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सरकार द्वारा 1971 में उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।

साहिर का विवादों से पुराना नाता रहा हैं, उनके ना रहने के बाद भी विवाद उनका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं। साल 2011 में लुधियाना में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर तत्कालीन अकाली दल की सरकार द्वारा शुरू की गई आवासीय परियोजना का नाम बदलकर कर साहिर लुधियानवी के नाम पर रखे जाने का फैसला वर्तमान कांग्रेस सरकार ने किया, तो विपक्षी दलों ने एतराज जताना शुरू कर दिया।

ताउम्र अविवाहित रहने वाले साहिर की निजी जिंदगी बेहद ही तन्हा रही। साहिर का नाम कई महिलाओं के साथ जोड़ा गया। मगर अमृता प्रीतम के साथ इनका रूहानी रिश्ता रहा, इस बात की तस्दीक स्वयं अमृता प्रीतम ने अपनी आत्मकथा रसीदी टिकट में की हैं। इसके बाद गायिका-अभिनेत्री सुधा मल्होत्रा के साथ भी इनका नाम जोर-शोर से लिया गया।

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