

Avinash Mishra Khatron Ke Khiladi 15: छोटे पर्दे का सबसे फेमस रिएलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' का 15वां सीजन अपने आखिरी अंजाम तक पहुंच चुका है। 2 साल के लंबे इंतजार के बाद जब यह शो छोटे पर्दे पर वापस आया, तो दर्शकों को इसमें रोमांच का जबरदस्त तड़का देखने को मिला।
केप टाउन की मुश्किल परिस्थितियों और सांसे थाम देने वाले स्टंट्स के बीच आखिरकार इस सीजन को अपना नया चैंपियन मिल गया है। एक्टर अविनाश मिश्रा ने अपने साहस और मजबूत इरादों के दम पर इस शो की ट्रॉफी को अपने नाम किया। ग्रैंड फिनाले के बेहद कड़े मुकाबले में उन्होंने अन्य मजबूत दावेदारों को पछाड़कर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।
ग्रैंड फिनाले का सफर बेहद उतार-चढ़ाव से भरा रहा। इस आखिरी पड़ाव पर अविनाश मिश्रा की टक्कर इंडस्ट्री के पॉपुलर एक्टर ऋत्विक धनजानी और ओरहान अवत्रामणि यानी ओरी से हुई। फाइनल राउंड में तीनों ही प्रतिभागियों को सीजन के सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण टास्क से गुजरना पड़ा।
पानी के अंदर और हवा की ऊंचाइयों पर किए गए इन कारनामों ने दर्शकों की धड़कनें बढ़ा दी थीं। हालांकि अविनाश ने अपनी एकाग्रता और सूझबूझ का परिचय दिया, और हर एक चुनौती का डटकर सामना किया। उनकी इस लगातार निडरता ने ही उन्हें इस सीजन के सबसे बड़े विजेता बनाया।
रोहित शेट्टी के इस धमाकेदार शो खतरों के खिलाड़ी 15 को जीतने के बाद अविनाश मिश्रा पर इनामों की बरसात हुई है। विजेता की चमचमाती ट्रॉफी के साथ उन्हें 20 लाख रुपये इनाम के रूप में सौंपे गए। इसके अलावा शो मेकर्स की तरफ से उन्हें एक नई कार और यूरोप की एक शानदार ट्रिप भी इनाम में मिली है।
पूरे सीजन के दौरान अविनाश का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। 'टीम वीक' के दौरान दिखाए गए उनके जज्बे ने दर्शकों और शो के होस्ट का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उनके बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए ही होस्ट रोहित शेट्टी ने उन्हें अपना सिग्नेचर 'फियर जैकेट' भी भेंट किया था।
अविनाश मिश्रा के लिए यह पूरा सफर आसान नहीं था। टीवी इंडस्ट्री में एक हैंडसम एक्टर के तौर पर पहचाने जाने वाले अविनाश ने इस मंच पर अपनी एक नई छवि गढ़ी है। उनके सफर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया, जब पानी के अंदर हुए एक बेहद मुश्किल स्टंट में उनका सामना अनुभवी प्रतिभागी करण वाही से हुआ।
इस मुश्किल मुकाबले को जीतकर उन्होंने टॉप 5 में जगह बनाई और सीजन के पहले फाइनलिस्ट बनने का मुकाम हासिल किया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वहीं दूसरी ओर, करण वाही और फरहाना भट्ट ने भी आखिरी समय तक हार नहीं मानी और वे दूसरे फाइनलिस्ट के रूप में उभरे।