मंदिर की छवि थी दुकान बन गई...योगेन्द्र यादव ने बताया 'आप' की हार का असली कारण, बोले- अफवाह था दिल्ली मॉडल

आम आदमी पार्टी ने नैतिकता और विकल्प की बातें छोड़ दीं। उसने सुशासन को अपनाया और इसमें कोई संदेह नहीं है कि उसने दिल्ली के स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिकों में बेहतर सुधार लाए।
योगेंद्र यादव ने बताई दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप की हार की असली वजह
योगेंद्र यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी 27 साल बाद सत्ता में लौटी है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) को करारी हार का सामना करना पड़ा। यहां तक ​​कि पार्टी के प्रमुख नेता अरविंद केजरीवाल भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने केजरीवाल की पार्टी की हार पर तंज कसते हुए कहा कि आप की छवि मंदिर की थी, लेकिन अब वह दुकान बन गई है।

एक मीडिया वेवबसाइट से बातचीत में योगेंद्र यादव ने कहा, जब वह मंदिर आपको दुकान जैसा लगने लगे तो आप कीमत तौलते हैं कि बीजेपी वाले क्या दे रहे हैं, वे भी वही सामान देने का वादा कर रहे हैं जो आप दे रहे हैं, वे कुछ और भी दे रहे हैं। इसलिए यह अच्छा है।

उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी ने नैतिकता और विकल्प की बातें छोड़ दीं। उसने सुशासन को अपनाया और इसमें कोई संदेह नहीं है कि उसने दिल्ली के स्कूलों और मोहल्ला क्लीनिकों में बेहतर सुधार लाए। उन्हें इसके लिए विज्ञापन देना भी आता था। इसमें हम क्या दोष दे सकते हैं। 2020 के चुनाव में उन्हें जनता का आशीर्वाद भी मिला, यह उनकी उपलब्धि थी। उन्हें इसका लाभ भी मिला।"

उन्होंने आगे कहा कि बार-बार कहा जाता था कि यमुना साफ होगी, लेकिन यमुना साफ कहां हुई, दिल्ली में कूड़े को लेकर पहले कहा जाता था कि एमसीडी करती है, इसलिए गंदगी है, अब एमसीडी भी आपके हाथ में आ गई है, अब आप उसका क्या जवाब देंगे। दिल्ली मॉडल एक तरह की अफवाह थी।

योगेंद्र यादव ने कहा कि आप ने अपनी राजनीति का तरीका बदला और पारंपरिक राजनीति का हिस्सा बन गई। पहले उन्होंने कहा था कि वे राजनीति में बदलाव लाएंगे, लेकिन बाद में उसी राजनीति का हिस्सा बन गए। हालांकि, अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाए, लेकिन बाद में पार्टी की नीतियां खराब हो गईं।

शराब घोटाले पर योगेंद्र यादव की टिप्पणी योगेंद्र यादव ने आप के भ्रष्टाचार विरोधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने शुरू में खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग बताया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दावा किया था कि वे सरकारी गाड़ी और बंगला नहीं लेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने ये सब चीजें अपना लीं। शराब घोटाले पर उन्होंने कहा कि अभी तक अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया के खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ है, लेकिन लोग समझते हैं कि कुछ गलत जरूर हुआ है।