

West Bengal Assembly Election 2026 Repolling: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद चुनाव आयोग ने 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया था। यह चुनाव 2 मई यानी आज सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। दक्षिण परगना के दो विधानसभा सीटों- मगरहाट पश्चिम के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर यह चुनाव होगा। बता दें कि चुनाव पर्यवेक्षक और रिटर्निंग ऑफिसर्स की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान को रद्द करने का फैसला लिया गया था।
दोबारा मतदान कराने के संबंध में चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदान वाले इलाके में डुगडुगी बजवाकर तथा उम्मीदवारों को लिखित रूप में दोबारा मतदान के बारें में सूचित किया जाए। रिकॉर्ड मतदान प. बंगाल में इस बार विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ। इस बार के चुनाव में वोटिंग प्रतिशत रिकॉर्ड 92% से अधिक रहा। दो चरणों में होने वाले चुनाव की मतगणना 4 मई को होगी।
भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ''मगराहाट पश्चिम में दोबारा मतदान का फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन डायमंड हार्बर में और ज्यादा बूथों पर दोबारा मतदान होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि वहां सिर्फ चार बूथों पर दोबारा मतदान हो रहा है। पूरे फाल्टा क्षेत्र में पुनर्मतदान होना चाहिए या कम से कम 60 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए। वहीं नोआपाड़ा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अर्जुन सिंह ने भी पुनर्मतदान के फैसले को सही बताते हुए कहते हैं कि जिस तरह ईवीएम में गड़बड़ी की गई और अगर एक भी व्यक्ति अपना वोट नहीं डाल पाया, तो दोबारा मतदान कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है।
वहीं तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने पुनर्मतदान के फैसले पर आपत्ति जताई और कहा कि वे जो करना चाहते हैं, वह सही नहीं है। मतदान शांतिपूर्ण हुआ था। वे जबरन पुनर्मतदान की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जिन बूथों पर दोबारा मतदान होगा, वहां तृणमूल कांग्रेस भारी बहुमत से जीतेगी।
प्राप्त जानकारी के बाद राज्य में विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने मगराहाट पश्चिम के 11, फलता के 30 और डायमंड हार्बर के 4 बूथों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश की थी। मतदान केंद्रों की जांच के दौरान कई खामियां सामने आई थीं। इन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए थे। साथ ही नेटवर्क की समस्या के कारण कंट्रोल रूम से इन मतदान केंद्रों की लाइव निगरानी भी नहीं हो पा रही थी। इससे गड़बड़ी की आशंका बढ़ गई।