Opinion Poll: तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर! ओपिनियन पोल में इस पार्टी को बहुमत, अभिनेता विजय बिगाड़ेंगे किसका खेल?

Tamil Nadu Chunav 2026: ओपिनियन पोल में AIADMK-BJP गठबंधन को बढ़त, 234 में से 125 सीटें मिलने का अनुमान। अभिनेता विजय की TVK बन सकती है किंगमेकर। 23 अप्रैल को होगा मतदान।
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पलानीस्वामी और स्टालिन (Image- Social Media)
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Tamil Nadu Chunav Opinion Poll: तमिलनाडु की राजनीति हमेशा की तरह इस बार भी दिलचस्प और अनिश्चित नजर आ रही है। 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आए ओपिनियन पोल में कड़ी टक्कर के संकेत मिले हैं।

वोट ट्रैकर सर्वे (सीएनएन-न्यूज18 पर जारी) के मुताबिक अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन (एनडीए) को 115-125 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम-कांग्रेस गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) को 104-114 सीटों का अनुमान है। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है, जिससे मुकाबला बेहद करीबी बनता दिख रहा है।

विजय की टीवीके बनेगी किंगमेकर?

पिछले सर्वे में डीएमके गठबंधन को बढ़त दिखाई गई थी, लेकिन नए आंकड़ों में हल्का झुकाव एआईएडीएमके की ओर नजर आ रहा है। यह संकेत देता है कि अंतिम समय में मतदाताओं का रुझान बदल सकता है। अभिनेता विजय की नई पार्टी टीवीके को 2-8 सीटें मिलने का अनुमान है। भले ही इसका प्रभाव सीमित रहे, लेकिन यह वोट कटौती कर चुनावी समीकरण बदल सकती है।

कौन है सीएम की पसंद?

मुख्यमंत्री पद के लिए एम. के. स्टालिन को 39.8% समर्थन मिल रहा है, जबकि ई. के. पलानीस्वामी को 38.8% लोगों की पसंद बताया गया है। विजय को 13.6% समर्थन मिल रहा है। वहीं, महिलाएं और एससी/दलित वोटर स्टालिन की ओर झुके दिखते हैं, जबकि पुरुष और अपर कास्ट वोटर पलानीस्वामी को प्राथमिकता दे रहे हैं। युवा वोटरों में विजय का प्रभाव नजर आ रहा है।

सरकार की परफॉर्मेंस से लोग कितने खुश?

डीएमके सरकार को लेकर राय बंटी हुई है—35.5% ने प्रदर्शन अच्छा बताया, जबकि 40.8% ने खराब माना। महिलाओं और बुजुर्गों में संतोष अधिक है, जबकि युवा और उच्च वर्ग के वोटर ज्यादा आलोचनात्मक हैं।

क्चुया हैं चुनावी मुद्दे?

  • कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा (23.1%)
  • शराब और नशीले पदार्थ (20.8%)
  • बेरोजगारी (17.3%)

इसके अलावा महंगाई, भ्रष्टाचार और विकास भी अहम मुद्दे हैं।

फ्रीबीज का असर

सर्वे में पाया गया कि 44.2% वोटर फ्री योजनाओं से प्रभावित नहीं होते, जबकि 28.9% इनके खिलाफ वोट करने की बात करते हैं। इससे संकेत मिलता है कि अब मतदाता प्रदर्शन और मुद्दों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं। एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन बहुमत के करीब दिख रहा है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है। डीएमके गठबंधन भी वापसी कर सकता है, जबकि विजय की पार्टी समीकरण बिगाड़ सकती है। कुल मिलाकर, तमिलनाडु एक बार फिर बेहद करीबी और रोमांचक चुनावी मुकाबले के लिए तैयार है।

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