ग्लैमर की दुनिया छोड़ संसद तक कैसे पहुंचीं सायोनी घोष, विवादों के बीच भी कैसे बढ़ता रहा कद?

Saayoni Ghosh Profile: अभिनेत्री सायोनी घोष का सफर अब संसद तक पहुंच चुका है। टॉलीवुड की चमक-धमक से निकलकर राजनीति के मुश्किल मैदान में उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
tmc mp saayoni ghosh on suvendu adhikari
टीएमसी सांसद सायोनी घोष,(फोटो- नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में अक्सर सितारों की चमक देखने को मिलती है, लेकिन कुछ सितारे अपनी मेहनत से धरातल पर भी अपनी जगह बना लेते हैं। कोलकाता की सायोनी घोष उन्हीं में से एक हैं। कभी छोटे पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने वाली यह लड़की आज संसद के गलियारों में जनता की आवाज उठा रही है।

सायोनी घोष का यह सफर जितना ग्लैमरस दिखता है, हकीकत में वह उतना ही संघर्षों और विवादों से भरा रहा है। एक पुरानी कहावत है कि राजनीति का रास्ता कभी आसान नहीं होता, और सायोनी ने इस बात को हर मोड़ पर महसूस किया है।

अभिनय की दुनिया से निकलकर कैसे बनीं जननेता

सायोनी घोष (Saayoni Ghosh) का जन्म 27 जनवरी 1993 को कोलकाता में हुआ था और उनकी शिक्षा हिरेन्द्र लीला पाटनाबिस स्कूल में पूरी हुई। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत एक टेलीफिल्म 'इच्छे दाना' से की थी जिसने उन्हें पहली बार चर्चा में लाया। इसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर फिल्म 'नोटोबोर नोटआउट' के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने राज चक्रवर्ती जैसे बड़े निर्देशकों के साथ काम किया और 'कानमाछी', 'राजकाहिनी' और 'अपराजितो' जैसी सफल फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। अभिनय के साथ-साथ सायोनी एक बेहतरीन गायिका भी हैं और उन्होंने 'बोझेना शे बोझेना' जैसी फिल्म में पार्श्व गायन भी किया है। टेलीविजन की दुनिया में भी वे एक लोकप्रिय चेहरा रहीं और उन्होंने कई नॉन-फिक्शन शो की मेजबानी कर जनता के बीच अपनी जगह बनाई।

चुनाव में हार के बावजूद बढ़ता गया कद

सायोनी ने 24 फरवरी 2021 को तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। पार्टी ने उन्हें तुरंत 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आसनसोल दक्षिण सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। हालांकि, इस पहले मुकाबले में उन्हें भाजपा की अग्निमित्रा पॉल से हार का सामना करना पड़ा।

इस चुनावी विफलता के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उनकी सक्रियता और जोश को सराहा। हार के महज कुछ महीनों बाद जून 2021 में Saayoni Ghosh को पश्चिम बंगाल तृणमूल युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। अभिषेक बनर्जी के बाद इस जिम्मेदारी को संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन उन्होंने युवाओं को पार्टी से जोड़ने का काम बखूबी जारी रखा।

Saayoni Ghosh

जांच के साये में भी नहीं डिगा Saayoni Ghosh का हौसला

राजनीति में कदम रखने के बाद सायोनी का सामना कई विवादों और कानूनी जांच से भी हुआ। साल 2021 में त्रिपुरा में चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जहां उन पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

इसके अलावा साल 2015 के एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर भी उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा, जिस पर उन्होंने माफी मांगते हुए अकाउंट हैक होने की बात कही थी। पश्चिम बंगाल में हुए स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनसे घंटों पूछताछ की है। इन तमाम मुश्किलों और राजनीतिक हमलों के बीच भी वे विचलित नहीं हुईं और जमीन पर अपनी पार्टी के लिए काम करती रहीं।

जादवपुर की जनता ने दिया ऐतिहासिक जीत का तोहफा

साल 2024 के लोकसभा चुनाव सायोनी घोष के करियर के लिए सबसे बड़ा मोड़ साबित हुए। तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें जादवपुर जैसी महत्वपूर्ण सीट से टिकट दिया, जहां उन्होंने अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती की जगह ली। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कड़ी मेहनत की और लोगों के बीच जाकर अपनी बात रखी। जनता ने उनके काम पर मुहर लगाते हुए Saayoni Ghosh को ढाई लाख से भी अधिक वोटों के अंतर से विजयी बनाया। आज वह संसद के भीतर ग्रामीण विकास और पशुपालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखती हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com