

मुंबई: विधानसभा चुनाव में महायुति की बड़ी सफलता के बाद एकनाथ शिंदे एक बार फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने, ऐसी कामना के साथ राज्य भर के विभिन्न मंदिरों में सामूहिक प्रार्थनाएं और महाआरती का दौर शुरू हो गया है। प्रतियोगी परीक्षा के विद्यार्थियों, लाडली बहनों, पार्टी कार्यकर्ताओं और बीमारी से ठीक हुए मरीजों ने एकनाथ शिंदे के फिर से मुख्यमंत्री बनने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
एकनाथ शिंदे, विधानसभा चुनाव में महायुति का चेहरा थे। उनके नेतृत्व में महायुति ने चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से जीत हासिल की। दो वर्ष पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से एकनाथ शिंदे तीन घंटे भी नहीं सोये। उन्होंने महाराष्ट्र को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए दिन-रात काम किया। राज्य की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने राज्य में मुख्यमंत्री माझी लाडली बहिण (लाडली बहन) योजना शुरू की।
इन्हीं लाडली बहनों की बदौलत महायुति की चुनाव में भारी सफलता मिली है। इसका पूरा श्रेय महायुति के अगुआ के रूप में एकनाथ शिंदे को दिया जा रहा है। शिवसेना प्रवक्ता राहुल लोंढे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लाडली बहनें उसी भाई को फिर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर बैठाना चाहती हैं। जिसने हमें आत्मनिर्भर बनाया।
पुणे के छात्रों ने एकनाथ शिंदे को दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति की आरती की और उन्हें प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से मिली मदद के कारण बीमारी से उबरने वाले सैकड़ों मरीजों ने सोमवार को दादर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में सामूहिक प्रार्थना की। और उन्होंने एकनाथ शिंदे पुनः प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें ऐसी भगवान गणेश प्रार्थना की। चुनाव से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे में सैकड़ों लाडली बहनों ने महाआरती कर भगवान से प्रार्थना की। इसी तरह नासिक के शिव मंदिर में भी पूजा की गई तो वहीं पंढरपुर में साधु संतों ने भगवान विट्ठल के मंदिर में हवन किया और एकनाथ शिंदे के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए भगवान पांडुरंग से प्रार्थना की।