

मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद अब मुख्यमंत्री के पद के लिए अब तक किसी का भी नाम सामने नहीं आया है। इसके लिए अब राज्य में चर्चाएं तेज हो गई है और महायुति के आपसी सामंजस्य पर सवाल उठ रहे है। इस बीच एनसीपी-एससीपी नेता क्लाइड क्रैस्टो ने भी महायुति पर सवाल उठाया है।
एनसीपी-एससीपी नेता क्लाइड क्रैस्टो क कहना है कि जब बीजेपी को चुनाव लड़ना था, महायुति गठबंधन को चुनाव लड़ना था तब उन्होंने कहा था कि इस गठबंधन में वे एकनाथ शिंदे को मुख्य सूत्रधार बनाकर चुनाव लड़ रहे है।
उन्होंने कहा और जब एकनाथ शिंदे ने काम कर दिखाया और चुनाव जीत गए तो एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में इतना समय क्यों लगा रही है पार्टी। मुख्यमंत्री बनाने के लिए अब बीजेपी बिहार मॉडल को बीच में लेकर आ रही है।
एनसीपी-एससीपी नेता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा, "चुनावों के दौरान भाजपा ने कहा था कि हम महायुति के चेहरे के रूप में एकनाथ शिंदे के साथ ये चुनाव लड़ रहे हैं। अब जब समय आ गया है, जब उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है और अब उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है, तो भाजपा बिहार मॉडल के न होने की बात कर रही है, कुछ और नहीं होने की बात कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा कि, "इसका मतलब है कि उन्होंने एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल किया। क्या वे यह कहना चाह रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री बनने के योग्य नहीं हैं? या वे यह कहना चाह रहे हैं कि हमने वह कर दिया जो हमें करना था, हमने उनका इस्तेमाल किया और अब हम अपने आदमी को मुख्यमंत्री के रूप में चाहते हैं? उन्हें लोगों के जनादेश का सम्मान करना चाहिए और ऐसे मुख्यमंत्री की घोषणा करनी चाहिए जो महाराष्ट्र को समृद्धि की ओर ले जाए।"
उनका मानना है कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एकनाथ शिंदे का इस्तेमाल किया है। बीजेपी अपने इस रवैये से यह साफ कर रही है कि एकनाथ शिंदे दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लायक नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को जनता के आदेश का सम्मान करना चाहिए और ऐसे मुख्यमंत्री को चुनना चाहिए जो राज्य को समृद्धि की ओर ले जाए।"
आपको बताते चलें, कि मंगलवार को एकनाथ शिंदे ने राजभवन जाकर राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना इस्तीफा दे दिया है और अब नए मुख्यमंत्री के चुनाव और शपथग्रहण तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहे है।