राजनीति और नौटंकी में होता है फर्क, राहुल गांधी के संविधान सम्मेलन पर बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

राहुल गांधी के संविधान सम्मेलन पर भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी के इस संविधान सम्मेलन को एक साजिश और नौटंकी बता रहे है। इसके अलावा उनके इस सम्मेलन को ढोंग करार दे रहे है जो संविधान संरक्षण के खिलाफ है।
राहुल गांधी के संविधान सम्मान सम्मेलन कार्यक्रम पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय (सौजन्य-एएनआई)
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नागपुर: आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज नागपुर का दौरा करेंगे। राहुल गांधी नागपुर में दीक्षाभूमि में बाबासाहेब आंबेडकर को श्रद्धांजली देंगे और इसके बाद संविधान सम्मेलन को संबोधित करेंगे।

राहुल गांधी के संविधान सम्मेलन पर भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी के इस संविधान सम्मेलन को एक साजिश और नौटंकी बता रहे है। इसके अलावा उनके इस सम्मेलन को ढोंग करार दे रहे है जो संविधान संरक्षण के खिलाफ है।

नागपुर में आयोजित राहुल गांधी का संविधान सम्मेलन पर मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का मानना है कि राहुल नौटंकी कर रहे है। राजनीति और नौटंकी में काफी अंतर होता है। उन्होंने राहुल गांधी को नौटंकीबाज करार दिया और कहा कि नौटंकीबाज राजनीति में कभी सफल नहीं होते।

कैलाश विजयवर्गी का बयान

नागपुर, महाराष्ट्र: राहुल गांधी के संविधान सम्मान सम्मेलन कार्यक्रम पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "राजनीति और नौटंकी अलग-अलग है। नौटंकीबाज़ राजनीति में कभी सफल नहीं होते हैं...राजनीति गंभीरता का विषय है, इसके लिए गंभीरता चाहिए और राहुल गांधी में कहीं भी गंभीरता नहीं दिखाई देती है। इसलिए जनता उन्हें नेता के रूप में कभी स्वीकार नहीं कर सकती..."

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि राजनीति गंभीरता का विषय है जो राहुल गांधी में दिखायी नहीं देती इसलिए जनता राहुल गांधी को स्वीकार नहीं कर सकती। कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि संविधान जो कहता है उसके अनुसार ही देश चलेगा। वे संविधान का एक तरफ सम्मान करते है और दूसरी तरफ उसे तोड़ने की बात करते है। हम आरक्षण के खिलाफ नहीं है हम संविधान के साथ है हम चाहते है कि जिस व्यक्ति का हक है उसे आरक्षण मिलना चाहिए।

पीएम की 4 जातियों की प्रशंसा

राहुल गांधी समाज को बाटना चाहते है। हम जातिगत जनगणना के विरोधी नहीं है पर इसके उपर राजनीति नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए चार जाति महिला सशक्तिकरण, किसान सशक्तिकरण, युवा सशक्तिकरण, गरीब कल्याण की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने दोनों की विचारधारा का अंतर स्पष्ट किया।

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