अजित पवार के लिए छलका कांग्रेस का दर्द, BJP पर ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एक हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा है कि भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन' वैसे तो देशभर में अपने काम पर लगी हुई है लेकिन महाराष्ट्र में यह कुछ ज्यादा ही पावरफुल रही है।
Congress General Secretary Jairam Ramesh statement on Ajit Pawar
जयराम रमेश (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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मुंबई : महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के शुरू होते ही सियासी उथल पुथल भी जोरों से तेज हो रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस पार्टी ने कुछ ऐसा कर दिया है सियासी गलियारे में चर्चाएं होने लगी है। दरअसल कांग्रेस पार्टी ने अजित पवार को लेकर भारतीय जनता पार्टी यानी बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी राकांपा के अजित पवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी राजग में शामिल करने के लिए उन्हें ब्लैकमेल करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है। साथ ही इस मामले की विस्तार से जांच की जाने की भी बात कही गई है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एक हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा है कि भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन' वैसे तो देशभर में अपने काम पर लगी हुई है लेकिन महाराष्ट्र में यह कुछ ज्यादा ही पावरफुल रही है। उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने अब इस बात की पुष्टि की है कि भाजपा ने उन्हें राजग में लाने के लिए ‘ब्लैकमेल' और जोर-जबरदस्ती का सहारा लिया।

70,000 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार

उन्होंने कहा है कि साल 2014 से पहले उस समय की विपक्षी दल भाजपा ने तत्कालीन सिंचाई और जल संसाधन मंत्री रहे अजित पवार पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए थे तथा इस दौरान उनपर 70,000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार किए जाने का दावा किया गया था।

भ्रष्ट पार्टी

कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यह आरोप लगाने की शुरूआत की थी और राकांपा, जो अब राज्य और केंद्र में उनकी बहुत प्रिय सहयोगी है, उस पार्टी को स्वाभाविक रूप से भ्रष्ट पार्टी करार दिया था।

सरेंडर करो या कारवाई का सामना

रमेश ने कहा है कि अजित पवार ने अब खुलासा किया है कि देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें कथित सिंचाई घोटाले में अजित पवार के खिलाफ खुली जांच की सिफारिश करने वाली फाइल दिखाई थी। कोई उस खतरे के बारे में केवल सोच सकता है जो इस कदम में निहित था, हमारे सामने सरेंडर कर दो या कार्रवाई का सामना करो।

जोर-जबरदस्ती और ब्लैकमेल

उन्होंने दावा किया कि यह एक बेहद गंभीर मामला है, क्योंकि इसमें न केवल जोर-जबरदस्ती और ‘ब्लैकमेल' का उपयोग शामिल है, बल्कि सीक्रेसी की शपथ और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम का उल्लंघन भी शामिल है।

राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार

रमेश ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। अजित पवार और महाराष्ट्र के कई अन्य विधायक शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यानी राकांपा से अलग होकर बीते साल ही राज्य में शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल हो गए थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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