

मुंबई: महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाराष्ट्र के चुनाव में दाेनों गठबंधनों के लिए सबसे बड़ी चुनौती सीट शेयरिंग की होगी। सभी दलों अपने पाले में ज्यादा से ज्यादा सीटें लाने की कोशिश कर रहे रहे। सोमवार को मुंबई में विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर कोर कमेटी की बैठक हुई। सीट बंटवारे और जीत के फॉर्मूले पर चर्चा की गई।
भाजपा की मुंबई इकाई के प्रमुख आशीष शेलार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य में साल के आखिर में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों के लिए सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे के मुद्दे पर फैसला लेंगे। शेलार ने कहा कि “मुंबई में कोर समिति की बैठक में सीट-बंटवारे और विधानसभा क्षेत्रों के चयन से संबंधित सभी फैसले लेने की शक्तियां फडणवीस को सौंपने का निर्णय किया गया।”
बैठक में पार्टी पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री एवं मुंबई उत्तर से सांसद पीयूष गोयल भी शामिल हुए। महाराष्ट्र में 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा ने राज्य की 288 सीटों में से 104 पर जीत दर्ज की थी। शेलार ने कहा कि “सहयोगियों के साथ विधानसभा चुनावों की रणनीति और सीट-बंटवारा समझौते के अलावा जीत के फॉर्मूले को अंतिम रूप दिया जा चुका है। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस संबंध में पूर्ण शक्तियां दी गई हैं।”
बता दें कि हाल में संपन्न हुए लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति गठबंधन को राज्य की 48 सीटों में से महज 17 पर जीत हासिल हुई थी। वहीं भाजपा की सीटों की संख्या घटकर नौ हो गई जबकि 2019 के चुनाव में भाजपा ने 23 सीटें जीती थी। महायुति गठबंधन में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। वहीं, महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र की 30 सीटों पर कब्जा किया था। एमवीए में कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना और राकांपा (शरदचंद्र पवार) शामिल हैं।
शेलार ने कहा कि “हमने उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी घटक दलों के साथ चर्चा करने, रणनीति बनाने और निर्णय लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करके समय बचाने का फैसला किया है। एक बार यह काम हो जाए, तो हम विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर सकते हैं। उम्मीदवारों की सूची उचित समय पर जारी की जाएगी।”
बता दें कि लोकसभा चुनावों में भाजपा की सीटों का आंकड़ा घटकर नौ हो जाने के बाद फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने और विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पर ध्यान केंद्रित करने की पेशकश की थी। हालांकि, भाजपा की एक बैठक में पार्टी विधायकों ने उनपर भरोसा जताते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसके बाद फडणवीस ने कहा था कि वह उपमुख्यमंत्री पद पर बरकरार रहेंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)