

AIMIM Chief In Assam: असम चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहा है वैसे वैसे चुनावी बयानबाजी तेज होने लगी है। 9 अप्रैल को राज्य में एक ही फेज में वोटिंग होनी है। ऐसे में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की कथित बुलडोजर जैसी कार्रवाई पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के माध्यम से सीएम सरमा को साफ संदेश भेजा जाना चाहिए।
साथ ही एआईएमआईएम सुप्रीमो ओवैसी ने असम के मौजूदा हालात को बेहद चिंताजनक बताया और मुस्लिम लीडरशिप को मजबूत करने की बात कही। इसके अलावा उन्होंने बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईयूडीएफ को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सिर्फ नारे लगाने से काम नहीं चलता बल्कि वोट के जरिए जवाब बनाना होता है।
असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाताओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र में वोट सबसे शक्तिशाली हथियार होता है इसलिए इसका इस्तेमाल समझदारी और राजनीतिक सूझबूझ के साथ किया जाना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय जनता पार्टी के चुनावी बढ़त के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा एआईयूडीएफ उम्मीदवारों को विधानसभा तक पहुंचाना है।
असदुद्दीन ओवैसी ने असम विधानसभा चुनाव पर कहा कि हम दो दिनों के लिए एआईयूडीएफ पार्टी के समर्थन में असम दौरे पर हैं। हमारा मानना है कि हिमंता बिसवा सरमा के मुख्यमंत्री होने से असम में नफरत की राजनीति चल रही है। कांग्रेस पार्टी भाजपा को रोकने में नाकाम साबित हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी की वजह से ही आज हिमंता बिसवा सरमा और भाजपा सत्ता में है। 50 हजार से ज्यादा मुसलमानों के घरों को तोड़ा गया, उन्हें बेघर कर दिया गया। ऐसे में बहुत जरूरी है कि बदरुद्दीन अजमल का समर्थन किया जाए ताकि उन लोगों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जा सके।
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि संविधान के अनुसार धर्म की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है। प्रस्तावना में विचार की स्वतंत्रता, समानता और न्याय की बात कही गई है। इसका उद्देश्य यूसीसी के नाम पर हिंदू कोड बिल को लागू करना चाहते हैं जो गलत और असंवैधानिक है।
असम विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को है। जहां एक ही फेज में वोटिंग की जाएगी और 4 मई को नतीजे आएंगे, राज्य में 126 विधानसभा सीटें हैं और यहां करीब 2.25 करोड़ मतदाता हैं। असम में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और कांग्रेस के बीच है।