अमित शाह ने खेला इमोशनल दांव, शिंदे से कहा सीएम पद का हमने किया त्याग सीट बंटवारे में आप दिखाएं बड़ा दिल!

लोकसभा में बीजेपी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहयोगी दलों पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। शिंदे लोकसभा के स्ट्राइक रेट के आधार पर ज्यादा विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग कर रहे हैं।
अमित शाह ने खेला इमोशनल दांव, शिंदे से कहा सीएम पद का हमने किया त्याग सीट बंटवारे में आप दिखाएं बड़ा दिल!
अमित शाह और एकनाथ शिंदे (सोर्स: एएनआई)
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मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। 20 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को वोटों की गिनती के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके लिए इच्छुक उम्मीदवारों को 29 अक्टूबर तक उम्मीदवारी आवेदन दाखिल करना होगा लेकिन राज्य के प्रमुख सियासी गठबंधनों में शामिल घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हो पाया है।

महायुति की बात करें तो लोकसभा में बीजेपी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहयोगी दलों पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं। शिंदे लोकसभा के स्ट्राइक रेट के आधार पर ज्यादा विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग कर रहे हैं। जबकि बीजेपी कम से कम 160 सीटों पर चुनाव लड़ने को प्रतिबद्ध है।

ऐसे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिंदे को याद दिलाया है कि ज्यादा सीटें होने के बाद भी बीजेपी के त्याग के कारण कम सीटों वाली शिवसेना को सीएम का पद मिल गया था। इसलिए अब सीटों के बंटवारे में शिंदे को बड़ा दिल दिखाना चाहिए।

शिंदे को नरम रुख अपनाने के लिए कहा

सूत्रों का दावा है कि सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली में हुई महायुति की बैठक में अमित शाह ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से कहा है कि गठबंधन में सहयोगियों के सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने सीट बंटवारे की चर्चा में शिंदे से थोड़ा नरम रुख अपनाने को कहा है। बताया जा रहा है कि सीट बंटवारे के मामले में सीएम शिंदे 100 से कम सीटों पर समझौता करने को तैयार नहीं हो रहे हैं।

इस पर शाह ने शिंदे से कहा कि इस देश में प्रधानमंत्री और प्रदेश में मुख्यमंत्री, यही दो पद महत्वपूर्ण हैं। बाकी गृह मंत्री सहित अन्य सभी पद सिर्फ एक व्यवस्था हैं। यह काम निकालने की व्यवस्था है। हमने आपको मुख्यमंत्री का पद दिया, हमारे लोगों को आपके लिए बलिदान देना पड़ा, इसलिए सीटों का आवंटन सहयोगियों के लिए आप बड़ा दिल दिखाएं।

अजित की एनसीपी के कारण परेशानी

गौरतलब हो कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार की पार्टी एनसीपी के महायुति में शामिल होने के बाद सीटों के बंटवारे में साझेदार बढ़ गए हैं। मौजूदा विधायकों एवं समर्थकों की संख्या के आधार पर अजित पवार की एनसीपी महायुति में 60-65 सीटों की मांग कर रही है लेकिन 288 विधानसभा सीटों में से शिंदे गुट की 100 सीटों की मांग के कारण अजित को सम्मानजनक संख्या में सीटें नहीं मिल पा रही हैं। जबकि बीजेपी सहयोगी अपने एनसीपी को सम्मानजनक सीटें दिलाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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