

S Jaishankar Interview: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (9 जून) केंद्र में अपने 12 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर बीजेपी पूरे देश में अलग-अलग कार्यक्रम करने वाली है। इसी कड़ी में विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर मोदी सरकार के 12 सालों की उपल्बधियों को लेकर मीडिया से बात करने वाले हैं। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दी।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि वो बीते 12 सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष अन्वेषण और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर व्यापार, साइबर कैपेबिलिटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति तक भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए बदलाव के बारे में चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 सालों में एक बड़ा बदलाव देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिक्ष अन्वेषण और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर व्यापार, साइबर कैपेबिलिटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति तक, भारत ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है, अपनी रणनीतिक क्षमता को मजबूत किया है और अपने नागरिकों को अच्छे नतीजे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे बड़ी पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। देश ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भी नई मिसालें कायम की हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की विभिन्न पहलों के तहत सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। वंदे भारत ट्रेनों, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और आधुनिक हवाई अड्डों ने देश के परिवहन नेटवर्क को नई गति दी है। वहीं, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने चंद्रयान-3 की सफल चंद्र लैंडिंग और आदित्य-एल1 मिशन के जरिए अपनी वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और स्वदेशी सैन्य उपकरणों के निर्माण पर भी जोर दिया गया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश नीति के मोर्चे पर भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। जी20 की सफल अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाने और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी ने भारत की कूटनीतिक साख को बढ़ाया है। हालांकि रोजगार, महंगाई और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, तकनीक और वैश्विक प्रभाव के कई नए आयाम स्थापित किए हैं।