बांग्लादेशी को मकान दिया तो खुद हो गया बेघर, आरोपी दुर्ग समेत 7 जिलों से 1 साल आउट

Durg Bangladeshi Refuge Case : दुर्ग के सुपेला निवासी हरेराम प्रसाद को बांग्लादेशी नागरिकों को शरण देने के मामले में एक साल के लिए जिलाबदर किया गया है।
Sheltering Bangladeshis Proves Costly, Hareram Banished from Durg and 6 Other Districts for One Year
दुर्ग बांग्लादेशी शरणार्थी मामलासोर्स : AI जेनरेट
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Chhattisgarh Police Crime Action : सुपेला निवासी हरेराम प्रसाद को जिला प्रशासन ने एक साल के लिए जिलाबदर कर दिया है। आरोपी पर अवैध बांग्लादेशी दंपती को अपने घर में शरण देने का मुख्य आरोप था।

जांच में फर्जी पहचान पत्र और जाली दस्तावेज तैयार कराने के आरोप भी सामने आए। आरोपी के खिलाफ वर्ष 1999 से मारपीट, चोरी और हत्या के प्रयास के 18 मामले दर्ज हैं। दुर्ग समेत सात जिलों की सीमा में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

प्रशासन का बड़ा कदम

दुर्ग जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई हुई है। सुपेला के निवासी हरेराम प्रसाद को जिलाबदर कर दिया गया है। जिला दण्डाधिकारी ने एक अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

आदेश के अनुसार आरोपी को एक साल के लिए क्षेत्र से बाहर रहना होगा। बिना सक्षम अनुमति के वह निर्धारित जिलों में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

शरण देने का मामला

हरेराम का नाम बांग्लादेशी नागरिकों के अवैध प्रवास मामले में आया था। वर्ष 2025 में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ था। आरोपी ने बांग्लादेशी दंपती को रहने के लिए मकान उपलब्ध कराया था।

जांच में फर्जी पहचान पत्र बनाने की बात सामने आई थी। जाली दस्तावेज तैयार कराने के गंभीर आरोप भी दर्ज किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी थी।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड

हरेराम प्रसाद का आपराधिक इतिहास काफी लंबा रहा है। वर्ष 1999 से उसके खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज होते रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड में कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए।

आदेश में मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर मामलों का जिक्र है। बलवा, चोरी, जुआ और हत्या के प्रयास के केस भी शामिल हैं। शासकीय काम में बाधा डालने के आरोप भी उस पर दर्ज हैं।

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सात जिलों में प्रवेश बंद

छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5 के तहत यह कार्रवाई हुई है। पुलिस प्रतिवेदन और आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर फैसला लिया गया। आरोपी को एक सप्ताह में तय सीमा से बाहर जाना होगा। 1 अक्टूबर से एक वर्ष तक प्रवेश पर रोक रहेगी।

इन सात जिलों में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है:

  • दुर्ग

  • रायपुर

  • धमतरी

  • बेमेतरा

  • बालोद

  • राजनांदगांव

  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई

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