

प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की संपत्तियां अटैच हुई हैं।
रायपुर के अनुपम नगर और कटोरा तालाब की संपत्तियों की कीमत 9.06 करोड़ है।
एजेंसी ने विशेष पीएमएलए अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
अवैध धन के लेन-देन और राजनीतिक संपर्कों की जांच फिर तेज हो गई है।
Ramgopal Agarwal Property Attached Case : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। जांच एजेंसी ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ यह कार्रवाई की है। रायपुर के पॉश इलाकों में स्थित उनकी दो बड़ी संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है। इन संपत्तियों की कुल कीमत 9.06 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई धन के प्रवाह की जांच का हिस्सा है। पिछले कुछ समय से इस सिंडिकेट को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। संपत्तियां अटैच होने से इन्हें आगे बेचने या ट्रांसफर करने पर रोक लग गई है। हालांकि कुर्की से अभी किसी को दोषी नहीं माना जा सकता है।
जांच एजेंसी का दावा है कि छत्तीसगढ़ में एक बड़ा शराब सिंडिकेट चलाया गया था। इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन का लेन-देन किया गया था। आरोप है कि इस घोटाले का काला धन राजनीतिक दफ्तरों तक पहुंचाया गया था। कांग्रेस के रायपुर स्थित प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन तक नकदी पहुंचने का दावा है।
इस पूरी मनी ट्रेल में रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। राजनीतिक गलियारों में इस ताजा एक्शन के बाद चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्षी दल इस मामले में लगातार सत्ता पक्ष पर हमलावर रहे हैं।
विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम अदालत में पूरक शिकायत दाखिल हो चुकी है। अब इस मामले की पूरी न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की जांच होगी। रामगोपाल अग्रवाल पर लगे आरोपों को अदालत में साबित करना होगा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
छत्तीसगढ़ में इस घोटाले से जुड़े कई अन्य चेहरों पर भी जांच चल रही है। अधिकारियों और कारोबारियों के बाद नेताओं की भूमिका अहम रही है। अदालत का अंतिम फैसला ही इस मामले का असली रुख तय करेगा।