

Bilaspur School Principal Notice : बिलासपुर शिक्षा संभाग में संयुक्त संचालक ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षक अपने कर्तव्य से अनुपस्थित मिले। टाइम-टेबल के अनुसार कक्षाएं नहीं चलने की बात सामने आई। लापरवाही मिलने पर दो प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया। मध्यान्ह भोजन की खराब गुणवत्ता पर भी अधिकारियों को फटकार लगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा व्यवस्था सुधारने की कवायद शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कई स्कूलों में औचक दबिश दी। संयुक्त संचालक अश्विनी भारद्वाज ने यह कार्रवाई की। उनके साथ सहायक संचालक प्रकाश तिवारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बिल्हा और चकरभाठा के स्कूलों की जांच की। इसके अलावा हरदी और हिर्री के स्कूलों को भी देखा गया। अधिकारियों ने शिक्षकों की उपस्थिति का रजिस्टर जांचा। उन्होंने कक्षाओं में अध्यापन की स्थिति भी देखी। मिड-डे मील की गुणवत्ता की भी पड़ताल की गई।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बिल्हा में खामियां पाई गईं। यहां पदस्थ दस में से आठ व्याख्याता उपस्थित मिले। दो व्याख्याता बिना पूर्व अनुमति के अवकाश पर थे। संकुल समन्वयक द्वारा नियमित पढ़ाई नहीं कराने की बात सामने आई। इस लापरवाही पर प्राचार्य चंद्रमान ठाकुर को नोटिस मिला। विभाग ने पूर्व माध्यमिक शाखा को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट कन्या विद्यालय चकरभाठा में भी निरीक्षण हुआ। यहां कुल सत्रह व्याख्याता पदस्थ हैं। निरीक्षण के समय प्राचार्य प्रदीप कुमार केरकेट्टा अनुपस्थित मिले। वे दोपहर बाद से ही स्कूल में मौजूद नहीं थे। केवल चार शिक्षकों ने तय समय पर पढ़ाई कराई थी। बाकी शिक्षकों ने एक भी क्लास नहीं ली थी। इस अव्यवस्था पर प्राचार्य केरकेट्टा को नोटिस जारी हुआ।
शासकीय प्राथमिक शाला हरदी में भोजन की जांच की गई। वहां मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब मिली। इस पर प्रधानपाठक शुक्ला को सख्त चेतावनी दी गई।
खाना बनाने वाले समूह को सुधार के निर्देश मिले। पूर्व माध्यमिक शाला में भृत्य के संलग्नीकरण का मामला आया। अधिकारियों ने भृत्य को तत्काल कार्यमुक्त करने को कहा। दूसरी तरफ हिर्री स्कूल का संचालन सही पाया गया।