

मामले में अब तक 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
जब्त स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कीमत लगभग 3.22 करोड़ रुपए।
चोरी कांड में भाजपा के पूर्व मंडल कोषाध्यक्ष भास्कर मुदलियार शामिल।
250 टन स्क्रैप की बरामदगी से खुला मामला।
Bhilai Iron Theft Case Accused: भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से लोहा चोरी का बहुचर्चित मामला अब राजनीतिक रसूख, प्लांट के अधिकारियों और निजी स्टील कंपनी के शीर्ष प्रबंधन तक पहुंच चुका है। करीब 250 टन लौह स्क्रैप की बरामदगी से शुरू हुई जांच में 21 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई। अब मामले की जांच सीबीआई करेगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि प्लांट से चोरी हुआ लोहा किन रास्तों से बाहर निकला और आखिर किन औद्योगिक इकाइयों में खपाया गया।
बता दें कि पुलिस ने 26 मई 2026 को हथखोज के अकलोरडीह खदानपारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स परिसर से करीब 250 टन स्क्रैप बरामद किया था। जब्त स्क्रैप, वाहनों और मशीनरी की कीमत लगभग 3.22 करोड़ रुपए बताई गई थी। जांच में फ्लू डस्ट की आड़ में लोहा बाहर निकालने और उसे निजी इकाइयों तक पहुंचाने के आरोप सामने आए।
- संजय सिंह: ट्रांसपोर्टर, जिसे पुलिस ने कथित नेटवर्क की प्रमुख कड़ी बताया।
- अभय सिंह: संजय सिंह का बेटा; उसका नाम भी मामले में सामने आया।
- भास्कर मुदलियार: भाजपा के पूर्व मंडल कोषाध्यक्ष। गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित किया।
- हिमांशु भूषण मलिक: बीएसपी के एसएमएस-3 विभाग में जनरल मैनेजर।
- मनोज कुमार देवांगन: बीएसपी में इंजीनियरिंग एसोसिएट, जिन्हें मामले में गिरफ्तार किया गया।
- विनोद कुमार गर्ग: रायपुर पावर एंड स्टील लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर।
- संदीप कुमार सिंह: इसी कंपनी के डायरेक्टर।
(गिरफ्तार किए सभी आरोपी अभी जमानत पर है, और आगे की जांच सीबीआई करेगी। इसके बाद मामले की न्यायालय में सुनवाई शुरू होगी।)
जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि स्क्रैप बाहर निकालने में स्टील प्लांट के भीतर किन लोगों की भूमिका थी, परिवहन और भंडारण का नेटवर्क कैसे काम करता था और चोरी का माल किन इकाइयों में खपाया गया। राजनीतिक और कारोबारी रसूख से जुड़े नाम सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।