

Bhilai Nagar Nigam Paver Block Scam News : भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक निर्माण में भारी गड़बड़ी हुई है। कुल 12.66 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है।
कलेक्टर के निर्देश पर गठित टीम इस मामले की जांच कर रही है। निगम ने अब नौ वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। ठेकेदारों के बिल रुकने से विकास कार्य और माप ठप पड़ गए हैं।
भिलाई नगर निगम में पेवर ब्लॉक निर्माण का काम हुआ था। इस काम में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई। पूरा मामला 12.66 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से बढ़ाई गई है। निगम के गलियारे में इस समय भारी खलबली मची हुई है।
जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। निगम प्रशासन ने नौ वरिष्ठ अधिकारियों से उनका जवाब मांगा है। कार्यपालन अभियंता कुलदीप गुप्ता को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा बीके वर्मा को भी नोटिस भेजा गया है। रवि सिन्हा और अखिलेश चंद्राकर भी रडार पर शामिल हैं। संजय बागड़े से भी लिखित जवाब मांगा गया है। सहायक अभियंता अरविंद शर्मा और वसीम खान भी जांच के दायरे में हैं। आलोक पसीना और आरएस राजपूत से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निगम प्रशासन कुल 33 फाइलों की गहन जांच कर रहा है। इनमें से 29 फाइलों की प्राथमिक जांच पूरी हो चुकी है। बाकी बची फाइलों का परीक्षण पीडब्ल्यूडी से कराया जाएगा। वर्ष 2023 में काम करने वाले 19 ठेकेदारों को नोटिस भेजा है। निगम आयुक्त ने ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल से सीधी बात भी की है। अधिकारियों और ठेकेदारों के जवाब के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
नोटिस के बाद उप अभियंताओं में भारी डर का माहौल है। वे अब ठेकेदारों के बिल तैयार करने से बच रहे हैं। कार्यों की नाप-जोख का काम भी पूरी तरह ठप हो गया है। अभियंताओं को डर है कि बाद में जिम्मेदारी तय हो सकती है। दूसरी तरफ ठेकेदारों का भुगतान भी बीच में अटक गया है। त्योहार के मौसम में भुगतान रुकने से ठेकेदार काफी परेशान हैं।
बीजेपी पार्षद संतोष मौर्य ने सबसे पहले शिकायत की थी। उन्होंने दुर्ग सांसद विजय बघेल को पूरे मामले की जानकारी दी थी। सांसद ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी।
कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम बनाई थी। आरईएस के इंजीनियर भी जांच टीम में शामिल थे। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई के आदेश दिए। शिकायतकर्ता का दावा है कि घोटाले की रकम अभी और बढ़ेगी।