

UP MBBS BDS Intern Stipend Hike: उत्तर प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे MBBS और BDS छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने इंटर्न डॉक्टरों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए उनके मासिक स्टाइपेंड में ऐतिहासिक बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब यूपी के इन इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने मिलने वाले स्टाइपेंड को बढ़ाकर सीधे 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
यह बड़ा निर्णय उत्तर प्रदेश सरकार की मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने एमबीबीएस और बीडीएस रोटेटिंग इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को 12 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 25 हजार रुपये करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी खुद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने साझा की। सरकार के इस कदम से राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में काम कर रहे युवा डॉक्टरों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अगर इस बढ़ोतरी के आंकड़ों पर नजर डालें, तो यह इंटर्न डॉक्टरों के लिए किसी बंपर तोहफे से कम नहीं है। सरकार द्वारा किए गए इस फैसले के बाद वर्तमान स्टाइपेंड की तुलना में 108 प्रतिशत से अधिक की भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
आपको बता दें कि पहले इन डॉक्टरों को काफी कम स्टाइपेंड मिलता था:
साल 2021 से पहले इंटर्न डॉक्टरों को केवल 7,500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे।
इसके बाद साल 2021 में सरकार ने इसे बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया था।
अब एक बार फिर बड़ा फैसला लेते हुए इसे सीधे 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
इस तरह, साल 2021 के मुकाबले अब इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 13,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के अनुसार, सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न राजकीय मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और संबद्ध अस्पतालों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे 20 हजार से अधिक इंटर्न डॉक्टरों को सीधा और तत्काल लाभ मिलेगा। नए नियमों के लागू होने के बाद प्रत्येक इंटर्न डॉक्टर की जेब में हर महीने 13 हजार रुपये अतिरिक्त आएंगे, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान ये एमबीबीएस और बीडीएस छात्र अस्पतालों की दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये डॉक्टर न केवल OPD और सामान्य वार्डों में मरीजों की देखभाल करते हैं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और कठिन नाइट ड्यूटी में भी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं देते हैं।
विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित सरकारी अस्पतालों में मरीजों को संभालने और चिकित्सकीय सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में इन इंटर्न डॉक्टरों को स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला उनके इस कड़े परिश्रम और समर्पण को एक बड़ा सम्मान देता है।