

Vedanta Chairperson Anil Agarwal: छत्तीसगढ़ के सिंघीतराई स्थित वेदांता ग्रुप के पावर प्लांट में हुए हादसे के बाद कंपनी के चेयरपर्सन अनिल अग्रवाल ने प्रतिक्रिया दी है। फेसबुक पर एक पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूं। साल की शुरुआत में ही, मैंने पहले अपने नौजवान बेटे को खो दिया और फिर, इस महीने, 14 अप्रैल को सिंघीतराई पावर प्लांट में हुए अफसोसजनक हादसे ने मुझसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए।
उन्होंने आगे लिखा कि मैं ऐसी असामयिक मृत्यु का दर्द भली भांति जानता हूं। दोनों ही हादसे, इतने अप्राकृतिक और पीड़ा से भरे लगते हैं, जिसकी कोई कल्पना नहीं कर सकता।
मुझे दुख और हैरत होती है सोचकर कि हमारे इस प्लांट में हमने सर्वोच्च सावधानी बरती, इस प्लांट की पूरी जिम्मेदारी भी हमने हिंदुस्तान की सबसे भरोसेमंद महारत्न कंपनी एनटीपीसी जेई की पार्टनरशिप एनजीएसएल को सौंपी। कॉन्ट्रैक्टर और कर्मचारी भी उनके थे। एक्सपर्ट भी उनका था और इसी भरोसे पे निश्चिंत होकर हमने इस प्लांट का रखरखाव और संचालन आउटसोर्स किया था। फिर भी यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया।
यह वैसा ही है जैसे अक्सर वाहन मालिक, अपना वाहन किसी भरोसेमंद ड्राइवर को दे देते हैं। और उम्मीद करते हैं कि वाहन चालक और वाहन, नियमों के साथ चलकर सलामत रहेंगे। वेदांता ग्रुप के हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा पर सबसे ज्यादा ध्यान रहता है और NTPC और GE की भी यही पॉलिसी रही है। उसके बाद भी इतनी बड़ी दुर्घटना हो जाए तो दिल टूट जाता है।
मेरे बेटे अग्निवेश (Agnivesh) सहित, जो 25 प्रियजन हमने खोए हैं, उन सभी जनों को मैं वेदांता परिवार और अपनी ओर से श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सच है कि होनी पर तो कोई बस नहीं है। प्लांट के सारे के सारे पीड़ितों को मुआवजा मिल चुका है और आगे भी हमसे वेदांता ग्रुप के चेयरमैन के रूप में जो भी हो पाएगा, वो हम जरूर करेंगे।