

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प भारत को दुनिया के बाकी विकसित देशों की तरह ही बनाने का है। इसी कड़ी में उन्होंने बदलाव की शुरूआत के लिए 15 फरवरी 2019 को देश में पहली बार वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखायी थी। देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी के लिए चली थी।
जिस वक्त इस ट्रेन की शुरूआत की गई थी, उस समय किसी ने भी ये सोचा नहीं थी कि वंदे भारत एक्सप्रेस देश की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन होगी और इसके जरिए रेलवे की कमाई करोड़ो रुपयों में होगी। आज यानी 15 फरवरी 2025 तक भारत में 136 वंदे भारत एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ रही है। आपको जानकारी दें कि पिछले 1 साल में वंदे भारत ट्रेन की कैटेगरी में शामिल ट्रेनों से होने वाली कमाई 56 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़त हासिल करेगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस की पॉपुलरिटी को देखते हुए ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि साल 2019 में 1 ट्रेन से शुरूआत करने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस फरवरी 2025 तक 136 हो जाएगी। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2024-25 के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस से 2 करोड़ 14 लाख यात्री सफर करेंगे। इतना ही नहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ये भी जानकारी दी है कि देशभर में चलने वाली ज्यादातर वंदे भारत एक्सप्रेस में 100 प्रतिशत तक की बुकिंग होती हैं।
वंदे भारत से हुई कमाई का कोई भी आधिकारिक आंकड़ा फिलहाल सरकार के पास में मौजूद नहीं है। ये जानकारी राइट टू इंफॉर्मेंशन दायर करने वाले चंद्रशेखर गौड़ को रेल मंत्रालय की ओर से दी गई है। वहीं रेवेन्यू एक्सपेक्टेशन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में वंदे भारत 2x2 सीटिंग वाली ट्रेनों और एक्जीक्यूटिव क्लास से रेलवे को कमाई में करीब 56 प्रतिशत तक की बढ़त हुई है और रेलवे को इन ट्रेनों से 987 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। वहीं चालू वित्त वर्ष 2024-25 में रेलवे को अब तक इन ट्रेनों के कारण 698 करोड़ रुपये की कमाई हो गई है। बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के राज्यसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, देशभर में फिलहाल 100 से ज्यादा रूट्स पर वंदे भारत एक्सप्रेस पटरी पर दौड़ रही है। जल्द ही केंद्र सरकार स्लीपर क्लास वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बना रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन लंबे रूट पर भी दौड़ सकती है। जानकारी के अनुसार ये पता चला है कि वित्त वर्ष 2023-24 में वंदे भारत ट्रेन्स के द्वारा तय की जाने वाली दूरी पृथ्वी के 310 चक्कर लगाने के बराबर हैं।