Share Market Crash: ग्लोबल मार्केट के खराब संकेतों से सेंसेक्स 367 और निफ्टी 110 अंक टूटकर खुले

Share Market Crash: ईरान-अमेरिका के भयंकर तनाव और अमेरिकी महंगाई के कारण आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। BSE सेंसेक्स 367 अंक टूटकर 73615 पर और निफ्टी 110 अंक गिरकर 23104 पर खुला है।
Share Market Crash: Sensex Drops 367 Points And Nifty Falls To 23104 Amid Global Tensions News Today 
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Today Indian Share Market Crash: दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज भारी हाहाकार मच गया है जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर साफ दिखा है। आज 11 जून को BSE का प्रमुख 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 367 अंकों के भारी नुकसान के साथ 73615 पर खुला है। दूसरी ओर NSE का 50 शेयरों वाला अहम बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी भी 110 अंक गंवाकर 23104 के निचले स्तर पर खुला है। इससे पहले गिफ्ट निफ्टी भी 71.1 अंक नीचे गिरकर 23169 अंक पर लाल निशान में कारोबार करते हुए देखा गया था।

शेयर बाजार में आज आई इस भयंकर और बड़ी गिरावट के पीछे ईरान और अमेरिका का भारी तनाव है। इन दोनों बड़े देशों के बीच फिर से भड़की युद्ध की आग की तपिश से तमाम एशियाई बाजार भी बुरी तरह झुलस गए हैं। अमेरिका में उम्मीद से कहीं अधिक बढ़ती महंगाई ने भी ग्लोबल मार्केट और निवेशकों की भारी चिंता को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। इसी कारण आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत लाल निशान में भारी गिरावट के साथ होने की पक्की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों का हाल

ईरान और अमेरिका में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ने से सभी प्रमुख एशियाई बाजारों में आज भारी बिकवाली और गिरावट दर्ज की गई है। एमएससीआई (MSCI) एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 0.9 प्रतिशत नीचे गिरा है जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 3 प्रतिशत तक टूट गया है। जापान का मशहूर निक्केई 225 भी लगभग 2 प्रतिशत तक लुढ़क गया है जिससे निवेशकों को बहुत भारी और तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं अमेरिकी शेयर मार्केट का प्रमुख सूचकांक डाऊ जोंस 953 अंक टूटकर 49918 के लेवल पर आ गया है और एसएंडपी 500 में 1.62 प्रतिशत की गिरावट आई है।

कच्चा तेल और महंगाई की मार

अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर नए हमले किए हैं जिसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को बंद करने की बड़ी घोषणा की है। इस भयंकर भू-राजनीतिक घटनाक्रम के बाद ब्रेंट क्रूड तेल लगभग 2 प्रतिशत उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के काफी करीब पहुंच गया है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई दर मई महीने में अप्रैल 2023 के बाद सबसे तेज गति से बढ़ती हुई दिखाई दी है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक बहुत ऊंचे स्तर पर रखने की भारी आशंका अब और भी ज्यादा मजबूत हो गई है।

ओरेकल के नतीजे और बाजार

सॉफ्टवेयर बनाने वाली दिग्गज कंपनी ओरेकल ने वित्त वर्ष 2026 की अपनी चौथी तिमाही में काफी उम्मीद से बहुत बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू 19.18 अरब डॉलर रहा और उसकी प्रति शेयर शानदार आय 2.03 डॉलर दर्ज की गई है। लेकिन ओरेकल द्वारा 40 अरब डॉलर जुटाने और 70 अरब डॉलर का बड़ा पूंजीगत निवेश करने की योजना से निवेशक काफी ज्यादा चिंतित हो गए। इसी भारी चिंता के कारण आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग के दौरान ओरेकल का शेयर 10.2 प्रतिशत गिरकर 201.26 डॉलर के निचले स्तर पर आ गया।

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