अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से की ये डिमांड, सेविंग्स डिपॉजिट में ब्याज को बढ़ाने की कही बात

एआईबीईए के महासचिव ने कहा है कि पिछले 3 सालों में पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने अपने अकाउंट्स में मिनिमम बकाया राशि न रखने के लिए जुर्माने के रूप में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये वसूले हैं।
एआईबीईए के महासचिव ने कहा है कि पिछले 3 सालों में पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने अपने अकाउंट्स में मिनिमम बकाया राशि न रखने के लिए जुर्माने के रूप में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये वसूले हैं।
सेविंग्स डिपॉजिट (सौ. सोशल मीड़िया )
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नई दिल्ली : आम बजट 2025-26 के दौरान सरकार के द्वारा मांगे गए सुझावों को पेश करते हुए अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ यानी एआईबीईए ने बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सेविंग्स डिपॉडिट पर दिए जाने वाले ब्याज को बढ़ाने का आग्रह किया है। एआईबीईए ने सेविंग्स डिपॉजिट पर मिलने वाले सालाना ब्याज दर को बढ़ाकर 6 प्रतिशत तक करने की मांग की है। साथ ही सीनियर सिटीजन से सेविंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट पर 2 प्रतिशत एक्स्ट्रा ब्याज देने की बात कही है।

एआईबीईए महासचिव सी एच वेंकटचलम ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ये अनुरोध किया है कि रिटायर्ड बैंक ऑफिसर्स और एम्पॉलयीस के द्वारा भुगतान किए जा रहे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के साथ-साथ सेवा देने वाले कर्मचारियों के मामले में बैंक मैनेजमेंट द्वारा भुगतान किए जाने वाले प्रीमियम को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि ग्रेच्युटी पेमेंट एक्ट, 1972 के अंतर्गत ग्रेच्युटी की लिमिट को सरकारी कर्मचारियों की ही तरह बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक किया जाना चाहिए।

किफायती ब्याज दर पर एजुकेशन लोन

एआईबीईए के महासचिव ने कहा है कि पिछले 3 सालों में पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने अपने अकाउंट्स में मिनिमम बकाया राशि न रखने के लिए जुर्माने के रूप में तकरीबन 35,000 करोड़ रुपये वसूले हैं। बैंकों को कस्टमर्स को ठगने से रोकने की सलाह दी जानी चाहिए। संघ के नेता ने कहा है कि बैंकों को 2 प्रतिशत सालाना दर से एग्रीकल्चर लोन और ब्याज छूट के साथ 5 प्रतिशत की दर से गरीब वर्ग के लोगों को किफायती ब्याज दर पर एजुकेशन लोन देना चाहिए।

जोखिम में फंसे लोन्स के बारे में श्री वेंकटचलम ने कहा कि बैंक लोन को जानबूझकर नहीं चुकाने को आपराधिक अपराध माना जाना चाहिए और चूककर्ताओं को स्थानीय निकाय, विधान सभा या संसद जैसे सभी चुनावों में लड़ने या मंत्री बनने से बैन किया जाना चाहिए। बैंकों की भारी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की वसूली के लिए, सरकार को लक्षित वसूली के लिए अधिक शक्तियों के साथ अधिक ऋण वसूली न्यायाधिकरण और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करना चाहिए और इसकी घोषणा बजट में की जानी चाहिए।

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