PM-VBRY के तहत सरकार का बड़ा ऐलान, 1 अगस्त से पहली नौकरी वालों को मिलेंगे 15,000

पीएम-वीबीआरवाई स्कीम के अंतर्गत EPFO में रजिस्टर करवाने वाले एम्पॉलयी को 1 अगस्त को 15000 रुपये मिल सकते हैं। शुक्रवार को श्रम और रोजगार मंत्रालय के द्वारा इसका ऐलान किया गया है।
EPFO withdrawal rules to change
प्रतीकात्मक तस्वीर
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PM Vikshit Bharat Rojgar Yojana: श्रम और रोजगार मंत्रालय ने शुक्रवार इस सरकारी स्कीम को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उसने कहा है कि ईपीएफओ के साथ पहली बार रजिस्टर होने वाले एम्पॉलयी को सरकार 1 अगस्त से 15,000 रुपये महीना पीएम विकसित भारत रोजगार योजना यानी पीएम-वीबीआरवाई के अंतर्गत की जाएगी।

पीएम-वीबीआरवाई जिसे पहले एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव यानी ईएलआई स्कीम के रूप में पहचाना जाता था। सेंट्रल कैबिनेट ने इसे 99,446 करोड़ रुपए के आउटले के साथ मंजूरी दी थी। मंत्रालय ने कहा है कि ईपीएफओ के साथ पहली बार रजिस्टर्ड एम्पॉलयी को टारगेट करते हुए, इस स्कीम के अंतर्गत 2 किस्तों में एक महीने की ईपीएफ सैलरी 15,000 रुपए तक दिया जाएगा।

कब और कितनी किश्तों में मिलेगी ये राशि?

इस स्कीम के अंतर्गत पहली किश्त नौकरी शुरू होने के 6 महीने के बाद दी जाएगी और दूसरी किस्त 12 महीने की सर्विस और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद दी जाएगी। इस स्कीम के अंतर्गत 1 लाख रुपये तक के सैलरी वाले लोगों को टारगेट किया गया है। इसका उद्देश्य लोगों में सेविंग्स करने की आदत को बढ़ाना भी है। मंत्रालय ने कहा है कि प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए सेविंग इंस्ट्रूमेंट या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी द्वारा बाद में इसे निकाला जा सकेगा। यह योजना एम्पॉलयर को नए रोजगार जनरेट करने के लिए भी प्रोत्साहित करती है और इसका उद्देश्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर खास ध्यान देते हुए विभिन्न सेक्टरों में नए एम्पॉलयमेंट के लिए फायदा देना है। एम्पॉलर के लिए, ये योजना सभी सेक्टरों में अतिरिक्त रोजगार सृजन को कवर करेगी, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आखिर क्या है इसके पीछे का उद्देश्य?

मंत्रालय ने कहा है कि एम्पॉलयर्स को 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले एम्पॉलयी के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार कम से कम 6 महीने तक निरंतर रोजगार वाले हर एडिशनल एम्पॉलयी के लिए 2 सालों तक एम्पॉलयर्स को 3,000 रुपये हर महीने तक का प्रोत्साहन देगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए प्रोत्साहन 3 और 4 साल तक बढ़ाए जाएंगे। इस योजना का लाभ उठाने के लिए ईपीएफओ-रजिस्टर्ड एस्टेब्लिशमेंट को कम से कम 6 महीने के लिए लगातार आधार पर कम से कम 2 एडिशनल एम्पॉलयी यानी 50 से कम कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए या 5 एडिशनल एम्पॉलयी यानी 50 या ज्यादा कर्मचारियों वाले नियोक्ताओं के लिए नियुक्त करने होंगे।

मंत्रालय ने कहा कि पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को भुगतान आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम यानी एबीपीएस का उपयोग करके डीबीटी यानी डारेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर मोड के माध्यम से किया जाएगा, जबकि एम्पॉलर को पेमेंट सीधे उनके पैन-लिंक्ड खातों में किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई योजना का उद्देश्य 2 सालों की अवधि में देश में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार के सृजन को प्रोत्साहित करना है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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