एनएसई परिसर का हुआ कायापलट, अब बीएसई का सांड नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में भी

शुक्रवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने एनएसई परिसर में कार्यक्रम के दौरान कुछ प्रतिमाओं का अनावरण किया है। साथ ही उन्होंने पूंजी बाजारों में एनएसई की भूमिका और भारतीय वृद्धि की गाथा को समर्पित एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की है।
Statues of a Bull and an Indian Family unveiled at the NSE Campus
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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मुंबई : प्रमुख शेयर बाजार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के परिसर में अब आपको एक नया बदलाव देखने को मिल सकता है। एनएसई में पहले से उपलब्ध सांड की प्रतिमा के साथ भी बड़ा चेंज किया है। अब एनएसई में एंट्री करने पर आपको एक सांड की प्रतिमा के साथ ही भारतीय परिवार का प्रतिनिधित्व करने वाली छह मानव आकृतियों को भी देखने मिलेगा। शुक्रवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने उद्घाटन समारोह के दौरान इन प्रतिमाओं का अनावरण किया है।

इन प्रतिमाओं के दो समूहों का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने एक समारोह में किया। उन्होंने पूंजी बाजारों में एनएसई की भूमिका और भारतीय वृद्धि की गाथा को समर्पित एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की। इस अवसर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ आशीष कुमार चौहान ने कहा कि प्रतिमाओं का एक समूह एक्सचेंज परिसर के भीतर लगा है जबकि परिसर के बाहर लगे दूसरे समूह के सामने खड़े होकर लोग तस्वीरें खिंचवा सकते हैं।

एक भारतीय सांड की प्रतिमा

एनएसई के प्रतिद्वंद्वी शेयर बाजार बीएसई में पहले से ही एक सांड की प्रतिमा लगी हुई है जो आम जनता की पहुंच से दूर है। वहीं न्यूयॉर्क के मशहूर वॉल स्ट्रीट में सड़क के किनारे एक सांड की मूर्ति लगी है। चौहान ने पीटीआई वीडियो के साथ बातचीत में कहा, ‘‘एनएसई परिसर में स्थित यह प्रतिमा एक भारतीय सांड की है। यह असली सांड के आकार की मूर्ति है। वहीं छह अन्य प्रतिमाएं भारत के सामान्य नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती हैं।''

निवेशकों की संख्या में भारी वृद्धि

एनएसई परिसर में लगी इन मूर्तियों को मशहूर मूर्तिकार राम सुतार ने गढ़ा है। सुतार ने ही गुजरात में स्थित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का डिजाइन तैयार किया था। चौहान ने कहा कि अपनी स्थापना के 30 साल पूरे होने का जश्न मना रहे एनएसई ने इस दौरान निवेशकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी है।

भारतीय परिवार का प्रतिनिधित्व

एनएसई परिसर में लगी इन मूर्तियों में अब 6 सामान्य नागरिकों की भी प्रतिमाएं दिखायी देने वाली है, जो कि भारतीय परिवार का प्रतिनिधित्व करने के लिए लगायी गई है। इन 6 मूर्तियों के अलावा भी एक सांड की प्रतिमा भी एनएसई में देखने को मिल सकती है।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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