

नई दिल्ली : जब से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की पहुंच घरों घर तक हो गई है, ऐसे में सरकार भी इसे बढ़ावा देने के लिए तैयार नजर आती है। इंटरनेट और सोशल मीडिया की आसान और सस्ती पहुंच ने भारत की क्रिएटर इकोनॉमी को भी नई बुलंदियों पर पहुंचा दिया है।
आज लाखों युवा यूट्यूब, इंस्टाग्राम और बाकी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेट क्रिएशन के माध्यम से ना सिर्फ अपना करियर चमका रहे है, बल्कि ब्रांड्स और बिजनेस के लिए भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी सिलसिले में केंद्र सरकार ने क्रिएटर इकोनॉमी को सपोर्ट देने के लिए 1 बिलियन डॉलर के फंड को लॉन्च करने का ऐलान किया है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्ल्ड ऑडियो-विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट यानी वेव्स 2025 के कार्यक्रम के दौरान इस फंड का ऐलान किया। ये फंड पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत संचालित होगा, जिससे क्रिएटर्स को फाइनेंशियल हेल्प मिलेगी और वे अपने कंटेट को ग्लोबल लेवल तक पहुंचा सकेंगे। साथ ही, 391 करोड़ रुपये की लागत से भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईसीटी की स्थापना को भी मंजूरी दे दी गई है। ये संस्थान आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर मुंबई की फिल्म सिटी, गोरेगांव में स्थापित किया जाने वाला है। यहां कंटेंट क्रिएशन और डिजिटल मीडिया से जुड़ी हाई लेवल ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
भारत की क्रिएटर इकोनॉमी 30 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री में बदल चुकी है और ये देश के जीडीपी में लगभग 2.5 प्रतिशत का योगदान देती है। इंफ्लुएंसर मार्केटिंग का भी तेजी से विकास हो रहा है, जिसका मूल्य 3,375 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 12 प्रतिशत क्रिएटर्स हर महीने 1 लाख से 10 लाख रुपये तक कमाई कर रहे हैं और आने वाले 2 सालों में 86 प्रतिशत क्रिएटर्स अपनी इनकम में ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें
सरकार ने वेव्स मार्केट नामक एक ग्लोबल ई-मार्केटप्लेस लॉन्च किया है, जो इंडियन क्रिएटर्स को इंटरनेशनल मार्केट्स से जोड़ेगा। ये प्लेटफॉर्म फिल्म, गेमिंग, टीवी, म्युजिक, एनीमेशन और ईस्पोर्ट्स जैसे सेक्टर के कंटेंट क्रिएटर्स को ग्लोबल अवसर देगा।