वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ग्लोबल आईटी कंपनियों को निवेश के लिए भारत आने का दिया न्यौता

भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सैन फ्रांसिस्को में आईटी सेक्टर की ग्लोबल लीडिंग कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक राउंड टेबल मीटिंग में भाग लिया। साथ ही उन्होंने इन कंपनियों से निवेश के लिए भारत आने की भी अपील की।
भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सैन फ्रांसिस्को में आईटी सेक्टर की ग्लोबल लीडिंग कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक राउंड टेबल मीटिंग में भाग लिया। साथ ही उन्होंने इन कंपनियों से निवेश के लिए भारत आने की भी अपील की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सौ. सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

सैन फ्रांसिस्को : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं। इस दौरे के दौरान निर्मला सीतारमण ने सैन फ्रांसिस्को से इंफॉर्मेंशन टेक्नोलॉजी यानी आईटी इंडस्ट्री सेक्टर से जुड़े कई दिग्गजों के साथ मुलाकात की। साथ ही उन्होंने उन्हें टेक्निकल हेल्प और निवेश के अवसर तलाशने के लिए भारत आने का न्यौता भी दे डाला है।

गूगल क्लाउड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ थॉमस कुरियन और उनकी टीम के साथ द्विपक्षीय मीटिंग के दौरान, सीतारमण ने उन्हें क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत में स्थानीय संबंधों की तलाश करने और ‘मेक इन इंडिया' यानी भारत में निर्माण करो पहल के अंतर्गत भारत और ग्लोबल मार्केट के लिए टेक्नोलॉजी विकसित करने को प्रोत्साहित किया। उन्होंने हाल के सालों में डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत भारत के डिजिटल बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर के परिवर्तनकारी विकास पर चर्चा की, जिसने देश को डिजिटल एक्सेंपेटेंस में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित किया।

कुरियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई मिशन और भारत द्वारा अपनाई जा रही प्रगति की सराहना की। उन्होंने भूमि और समुद्री अवसंरचना के माध्यम से भारत को ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया।

ट्यूरिंग के सीईओ जोनाथन सिद्धार्थ के साथ एक अन्य बैठक के दौरान, वित्त मंत्री ने एआई के लिए भारत की पॉलिसी फ्रेमवर्क के बारे में बताया और उन्हें उनकी कंपनी को सहयोग और उपयोगी सहभागिता के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।

वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर कहा है कि सिद्धार्थ ने भारत को एआई रिवॉल्यूशन में सबसे आगे देखने की इच्छा जताई और भारत के साथ एआई के सेक्टर में काम करने और भारतीय योगदानकर्ताओं के माध्यम से एक संप्रभु मॉडल बनाने की बात कही, जो दुनिया के लिए एक ब्लूप्रिंट के रूप में काम कर सकता है।

डेटा रोबोट के सीईओ देबांजन साहा ने भी वित्त मंत्री से मुलाकात की और एआई सुपरपावर बनने की भारत की कैपेसिटी का उल्लेख करते हुए एआई एक्सलेंस सेंटर में भाग लेने में रुचि जताई, जिसके लिए हाल ही में केंद्रीय बजट 2025 से 2026 में 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

वित्त मंत्रालय ने ‘एक्स' पर कहा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डिजिटल बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा सालों से उठाए गए कदमों को हाईलाइट किया, जिसमें ‘इंडियाएआई मिशन' के लिए 10,300 करोड़ रुपये का बजट, भारतजेन और सर्वम-1 के माध्यम से एआई लैंग्वेज टेक्नोलॉजी का निर्माण, और आईआईटी जोधपुर में जनरेटिव एआई के लिए सृजन केंद्र की स्थापना शामिल है।

वित्त मंत्री ने उन्हें प्रस्तावित 1,00,000 करोड़ रुपये के फंड, प्राइवेट सेक्टर द्वारा संचालित अनुसंधान, विकास और इनोवेशन प्लानिंग के माध्यम से संभावित अवसर के बारे में बताया और कहा कि एआई स्किल एंटरेंस में भारत वर्ल्ड लेवल पर पहले स्थान पर है। इस लिस्ट में भारत कई विकसित देशों से आगे है। ए16जेड के जनरल पार्टनर अंजनी मिधा और वीएमवेयर के सलाहकार रघु रघुराम के साथ एक अन्य बैठक में सीतारमण ने सुझाव दिया कि ए16जेड और वीएमवेयर एजुकेशन, हेल्थ सर्विस और एआई एक्सलेंस सेक्टर सहित एआई के सेक्टर में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाश सकते हैं। सीतारमण ने वित्त सचिव अजय सेठ की उपस्थिति में विभिन्न पेंशन फंड मैनेजर और अन्य संस्थागत निवेशकों के साथ एक राउंड टेबल मीटिंग में भाग लिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com