

Highlights:
सेंसेक्स 569.55 अंक चढ़कर 73,351.44 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
निफ्टी 50 ने 22,780.85 का उच्चतम स्तर छुआ।
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
एफआईआई ने करीब ₹1,857 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DII ने ₹2,670 करोड़ खरीदे।
Share Market Today: अमेरिका में महंगाई के अनुमान से ज्यादा बढ़ने, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी और बढ़ गई, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 72,965.80 के स्तर पर खुला। यह इसके पिछले बंद भाव 72,781.89 से 183.91 अंक यानी 0.25 फीसदी की बढ़त थी। दूसरी ओर, निफ्टी 50 ने भी मजबूती के साथ शुरुआत की। यह पिछले बंद स्तर 22,622.70 के मुकाबले 48.59 अंक यानी 0.21 फीसदी चढ़कर 22,671.30 पर खुला।
कारोबार आगे बढ़ने के साथ दोनों प्रमुख सूचकांकों की तेजी में इजाफा हुआ। सेंसेक्स 569.55 अंक यानी 0.78 फीसदी उछलकर 73,351.44 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 ने 22,780.85 का उच्चतम स्तर छुआ, जो 158.15 अंक या 0.69 फीसदी की बढ़त को दर्शाता है।
जहां प्रमुख शेयर सूचकांकों में तेजी देखने को मिली, वहीं व्यापक बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान कमजोरी रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.60 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.12 फीसदी नीचे रहा।
सेक्टर के आधार पर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी आईटी, निफ्टी FMCG, निफ्टी ऑटो और निफ्टी प्राइवेट बैंक सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले सूचकांकों में शामिल रहे। इनमें करीब 2 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
वहीं, निफ्टी मेटल सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा और इसमें 1 फीसदी की गिरावट आई। पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए।
विशेषज्ञों के मुकाबिक, अमेरिका में महंगाई दर अगस्त के 3.4 फीसदी से बढ़कर सितंबर में 3.7 फीसदी हो गई। उम्मीद से अधिक महंगाई के आंकड़ों के बाद अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है।
इस चिंता का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। वहां निवेशकों की बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई और टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बढ़ा। नैस्डैक इंडेक्स 1.88 फीसदी तक टूट गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि अमेरिकी बाजारों में आई गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का निक्केई 4 फीसदी से अधिक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7 फीसदी से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहा था।
हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय बाजार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में जारी करेक्शन सकारात्मक साबित हो सकता है। उनका मानना है कि भारतीय शेयरों से पैसा निकालकर एआई कंपनियों में निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के रुख में बदलाव आ सकता है। -एजेंसी इनपुट के साथ