Share Market: शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, 446 अंक टूटा संसेक्स; ट्रंप के एक बयान का दिखा असर

Share Market: पिछले सत्र के उतार-चढ़ाव के बाद आज घरेलू शेयर बाजार में फिर गिरावट के संकेत देखने को मिल रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी कारोबार के शुरुआत में लाल निशान में खुले।
share market opening bell 14th july
शेयर मार्केट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Opening Bell 14th July 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार, 26 जुलाई को गिरावट के संकेत देखने को मिल रहे हैं। जहां बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी कारोबार के लिए हरे लाल निशान में खुले। ट्रेड के शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 446.05 अंक या 0.57 प्रतिशत की गिरावट के बाद 77,170.35 पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, एनएसई निफ्टी 98.30 अंक या 0.41 प्रतिशत लुढ़कर 24,112.70 पर बना हुआ है। सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में से 20 स्टॉक लाल निशान में बने हुए हैं।

शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार के दौरान मिडकैप, स्मॉलकैप और लार्जकैप इंडेक्स में भी गिरावट देखा जा रहा है। सोमवार की तरह आज भी ऑटो सेक्टर के शेयरों में बड़ी गिरावट नजर आ रही है, जहां यह इंडेक्स 555 अंक टूटकर ट्रेड कर रहा है। ऑयल और गैस इंडेक्स में भी गिरावट है। वहीं, बैंकएक्स इंडेक्स भी 405 अंक फिसलकर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है।

आज के टॉप-5 गेनर्स

  • TCS- टीसीएस
  • BHARTIARTL- भारतीय एयरटेल
  • TECHM- टेक महिंद्रा
  • ADANIPORTS- अडानी पोर्ट्स
  • TATASTEEL- टाटा स्टील

आज के टॉप-5 लूजर्स

  • ULTRACEMCO- अल्ट्राटेक सीमेंट
  • BAJFINANCE- बाजाज फाइनेंस
  • HCLTECH- एचसीएल टेक
  • INDIGO- इंडिगो
  • M&M- महिंद्रा एंड महिंद्रा

अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध का असर

जियो पॉलिटिकल रिस्क बढ़ने के कारण एशिया के अन्य बाजारों में भी भारी गिरावट देखी जा रही है। जहां जापान के निक्केई में 0.7 प्रतिशत और कोरिया के KOSPI में -2.25 प्रतिशत की गिरावट रिकॉर्ड की गई। मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने ईरान पर फिर से अटैक करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी कांग्रेस को बताया कि ईरान के साथ फिर से युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। ट्रंप के बयान का असर यह हुआ कि कच्चे तेल की कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 85 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है।

शेयर बाजार के लिए अहम फैक्टर्स

घरेलू शेयर बाजार के लिए अन्य निगेटिव फैक्टर्स की बात करें तो क्रूड में तेजी के कारण महंगाई का जोखिम बढ़ा है। ऐसे में फेड पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव भी बढ़ा है। नतीजन, बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स दोनों में मजबूती है। डॉलर मजबूत होने से रूपए में गिरावट आई है और फ्रेश गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। महंगा क्रूड और कमजोर होता रुपया भारतीय बाजार और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बड़ा निगेटिव है।

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