Share Market: शेयर बाजार मे लगातार पांचवे दिन तेजी जारी, 254 अंक चढ़कर बंद हुआ सेंसेक्स; इंडिगो रहा टॉप गेनर

Share Market: बाजार ने सत्र में एक सीमित दायरे में सकारात्मक रुख के कारोबार किया, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर शुरुआती उत्साह यूएस फेड के सख्त बयानों से कुछ कम हो गया है।
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शेयर बाजार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Highlights: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को लगातार पांचवे दिन तेजी के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 254.36 अंक या 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,409.98 और निफ्टी 82.30 अंक या 0.34 प्रतिशत की मजबूती के साथ 24,168.00 पर था। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 255.90 अंक या 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 62,379.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 82.40 अंक या 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,705.60 पर बंद हुआ।

बाजार में तेजी का नेतृत्व हेल्थकेयर और रियल्टी ने किया। सूचकांकों में निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी रियल्टी टॉप गेनर थे। निफ्टी पीएसई, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी सर्विसेज गेनर्स थे। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयलएंडगैस लाल निशान में बंद हुए।

आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स पैक में इंडिगो, ट्रेंट, बीईएल, एनटीपीसी, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड, एचयूएल, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, एमएंडएम और आईटीसी गेनर्स थे। इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति सुजुकी, टीसीएस, एलएंडटी, एचसीएल टेक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और भारती एयरटेल लूजर्स थे।

अमेरिका-ईरान समझौते का असर

बाजार के जानकारों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार ने सत्र में एक सीमित दायरे में सकारात्मक रुख के कारोबार किया, क्योंकि अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर शुरुआती उत्साह यूएस फेड के सख्त बयानों से कुछ कम हो गया है। ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक साल के आखिरी हिस्से में ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं; ऐसे में निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

मार्केट के विशेषज्ञों ने आगे कहा कि हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड यील्ड में नरमी से वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में महंगाई से जुड़ी चिंताएं कम हो सकती हैं, लेकिन बाजार अभी शांति समझौते पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर काफी देखने को मिला। कई सत्रों के दौरान में बड़ी गिरावट से निवेशकों को काफी नुकसान भी हुआ।