देश के किस राज्य में सबसे अधिक महंगाई, आंकड़े देख चौक जाएंगे आप; क्या है वजह

Statewise Inflation: RBI ने महंगाई को लेकर एक अच्छी खबर दी है। बीते महीने मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की हुई बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 4 प्रतिशत से घटाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया था।
Consumer Price Index For the Month of July
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Statewise Inflation Rate in India: केंद्र सरकार ने सोमवार, 14 जुलाई को बीते महीने के महंगाई के आंकड़े जारी कर दिए हैं। जून 2015 में देशभर में रिटेल महंगाई 2.10 प्रतिशत रही। ये आंकड़ा 77 महीने के सबसे निचला स्तर है। वहीं, मई में खुदर महंगाई दर 2.82 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई थी। इसके अलावा अप्रैल 2025 में यह दर 3.16 फीसदी रही थी। इससे पहले जनवरी 2019 में खुदरा महंगाई दर 2.05 प्रतिशत पर आ गई थी। खाने-पीने के सामान की कीमतों में लगातार गिरावट के कारण रिटेल महंगाई दर में कमी आई है। अब देश के अलग-अलग राज्यों की बात करते हैं कि किस राज्य के लोगों को सबसे ज्यादा महंगाई झेलनी पड़ रही है और किस राज्य में सबसे कम महंगाई दर है।

बता दें कि वर्तमान समय में केरल में महंगाई की दर 6.7 प्रतिशत के साथ देश में सबसे ज्यादा है, यानी इस राज्य में खाने-पीने की चीजों से लेकर अन्य सामान के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं, महंगाई के मामले में पंजाब दूसरे नंबर पर है, जहां महंगाई दर 4.7 प्रतिशत है और इस लिस्ट में 4.4 प्रतिशत महंगाई दर के साथ जम्मू-कश्मीर तीसरे नंबर पर है।

तेलंगाना में सबसे कम महंगाई

वहीं सबसे कम महंगाई दर वाले राज्यों की बात करें तो इसमें तेलंगाना पहले नंबर पर है। वर्तमान समय में यहां कि महंगाई दर (-0.9) प्रतिशत है, जो कि देश में सबसे कम है। यह आंकड़ा राज्य के लोगों के लिए काफी राहत भरा है। इसके बाद आंध्र प्रदेश है, जिसके महंगाई दर में कुछ बदलाव नहीं हुआ। वहीं, ओडिशा की महंगाई दर 0.5 प्रतिशत है। कुल 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आंकड़ों में से 12 राज्यों की महंगाई दर राष्ट्रीय औसत 2.1 प्रतिशत से भी कम रही।

राष्ट्रीय औसत के करीब आ रही महंगाई दर

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के समूह मुख्य आर्थिक सलाहाकर सौम्या कांति घोष ने कहा कि राज्यों के महंगाई के आंकड़े अब एक खास ट्रेंड दिखा रहे हैं। जिस राज्य में पहले ज्यादा महंगाई थी, वो अब धीरे-धीरे राष्ट्रीय औसत के नजदीक आ रहे हैं। इसकी की वजह हो सकते हैं, लेकिन जीएसटी लागू होने का एक बड़ा फायदा ये हुआ कि राज्यों में कीमतों का चेन रिएक्शन कम हो रहा है। यही वजह है कि धीरे-धीरे राज्यों की महंगाई दरें एक-दूसरे के करीब आ रही हैं।

महंगाई को लेकर RBI का अनुमान

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने महंगाई को लेकर एक अच्छी खबर दी है। 4 से 6 जून 2025 को हुई मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान 4 प्रतिशत से घटाकर 3.7 प्रतिशत कर दिया था। इसके अलावा लेटेस्ट अपडेट यह है कि अप्रैल-जून तिमाही के लिए भी सेंट्रल बैंक ने महंगाई अनुमान को 3.6 प्रतिशत से घटाकर 2.9 प्रतिशत कर दिया है।

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