बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था से पाकिस्तान में हड़कंप, विदेशी कंपनियों का टूटा भरोसा; निवेश पर गहराया संकट

Pakistan Foreign Investment: रिपोर्ट में कहा गया है कि स्ट्रीट क्राइम सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। सर्वे में कराची में सड़क अपराध बढ़ने की बात कही गई, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 45 प्रतिशत था।
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कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan Foreign Investment Crisis: पाकिस्तान में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा हालात विदेशी कंपनियों के भरोसे को कमजोर कर रहे हैं। एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि कराची में खराब होती सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तान के पश्चिमी क्षेत्रों में जारी अस्थिरता के कारण विदेशी निवेशकों का विश्वास प्रभावित हो रहा है और कारोबारी गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है।

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में ओवरसीज इन्वेस्टर्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सिक्योरिटी सर्वे-2026 का हवाला देते हुए बताया गया है कि सदस्य कंपनियों में से 71 प्रतिशत के शीर्ष प्रबंधन ने सुरक्षा को अपनी तीन सबसे बड़ी कारोबारी चिंताओं में शामिल किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति पाकिस्तान में निवेश के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक बनी हुई है।

कराची में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

ओआईसीसीआई के महासचिव एम. अब्दुल अलीम ने कहा कि निवेश की रफ्तार बनाए रखने के लिए सार्वजनिक सुरक्षा में लगातार सुधार जरूरी है। रिपोर्ट के अनुसार, कराची में सुरक्षा को लेकर धारणा और खराब हुई है। 42 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने माना कि शहर का सुरक्षा माहौल पहले से ज्यादा बिगड़ा है, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 41 प्रतिशत था। वहीं, क्वेटा में 81 प्रतिशत और बलूचिस्तान के अन्य हिस्सों में 86 प्रतिशत लोगों ने सुरक्षा स्थिति को खराब बताया।

कराची में 50% तक बढ़ी स्ट्रीट क्राइम

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्ट्रीट क्राइम (सड़क अपराध) सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। कराची में 50 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने सड़क अपराध बढ़ने की बात कही, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 45 प्रतिशत था। क्वेटा में यह आंकड़ा 24 प्रतिशत से बढ़कर 37 प्रतिशत हो गया। कुल मिलाकर 32 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि सुरक्षा हालात खराब होने से उनके कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ा है। पिछले साल यह आंकड़ा 28 प्रतिशत था।

मिडिल ईस्ट युद्ध का भी पाक में असर

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों की रोजाना आवाजाही के दौरान उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। कराची में 45 प्रतिशत और क्वेटा में 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस संबंध में चिंता जताई। सर्वे में शामिल 88 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर उनके संगठन पर भी पड़ा है। आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की सुरक्षा, कारोबार में कमी और कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्रमुख चिंताएं बनकर उभरी हैं।

रिपोर्ट में ओआईसीसीआई ने पाकिस्तान सरकार से लक्षित सुरक्षा उपायों को जारी रखने, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और संस्थागत सुधारों में तेजी लाने की अपील की है, ताकि कारोबार के लिए अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार किया जा सके।

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