63 लाख से ज्यादा टैक्सपेयर्स की बढ़ी टेंशन! अभी तक प्रोसेस नहीं हुए ITR, जानें क्यों अटक गया रिफंड

Income Tax Refund: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर मौजूद डेटा के मुताबिक, असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 के लिए अब तक लगभग 8.80 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (ITRs) फाइल किए गए हैं।
Why is Income Tax Return Delays
इनकम टैक्स रिटर्न, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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Income Tax Refund: क्या आपने भी टाइम पर अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर दिया था, लेकिन बैंक अकाउंट में अब तक रिफंड की घंटी नहीं बजी? अगर आप भी उन लाखों करदाताओं में से हैं, जो हर सुबह अपना बैंक बैलेंस चेक करते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। दरअसल, , असेसमेंट ईयर 2025–26 में 63 लाख से ज्यादा ITRs अभी भी प्रोसेस नहीं हुए हैं। 31 की डेडलाइन खत्म होन के बाद भी बहुत से टैक्सपेयर्स रिटर्न प्रोसेस का इंतजार कर रहे है। कई लोग तो अपने रिफंड को ट्रैक करते रहते है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर मौजूद डेटा के मुताबिक, असेसमेंट ईयर (AY) 2025-26 के लिए अब तक लगभग 8.80 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न (ITRs) फाइल किए गए हैं। इनमें से, लगभग 8.66 करोड़ रिटर्न वेरिफाई हो चुके हैं, और लगभग 8.02 करोड़ रिटर्न प्रोसेस भी हो चुके हैं। इसका मतलब है कि लगभग 63 लाख टैक्सपेयर्स के रिटर्न अभी भी प्रोसेसिंग में हैं। इनमें से कई लोगों को अभी रिफंड मिलना बाकी है।

क्यों नहीं हुए प्रोसेस?

अब सवाल यह उठता है कि लाखों रिटर्न पेंडिंग क्यों हैं? इस मामले में टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर यह देरी जानबूझकर और कंप्लायंस की वजह से हो रही है, यह सिस्टम फेल होने का संकेत नहीं है।

कानून क्या कहता है, कितनी देरी जायज

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार 31 दिसंबर के बाद भी इनकम टैक्स रिटर्न पेंडिंग रहना अपने आप में चिंता की बात नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट के तहत सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) को फाइनेंशियल ईयर खत्म होने के बाद नौ महीने तक का समय मिलता है। AY 2025–26 यानी FY 2024–25 से जुड़ी रिटर्न के मामले में विभाग के पास 31 दिसंबर 2026 तक का वक्त है। ऐसे में 90% से ज्यादा वेरिफाइड रिटर्न का प्रोसेस हो जाना बताता है कि स्थिति कानूनी दायरे में है।

हाई-वैल्यू रिफंड पर विभाग की टेढ़ी नजर

सीबीडीटी के अनुसार, इस साल विभाग उन रिफंड्स की गहराई से जांच कर रहा है, जहां रिफंड का अमाउंट बहुत ज्यादा है या जहां टैक्सपेयर्स ने फॉर्म-16 के अलावा अलग से डिडक्शन (जैसे HRA, 80C) क्लेम किए हैं। विभाग यह पक्का करना चाहता है कि कहीं ये क्लेम फर्जी तो नहीं है।

सख्त डेटा एनालिटिक्स बनी बड़ी वजह

एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस साल लंबित रिटर्न की संख्या ज्यादा दिखने की मुख्य वजह एडवांस डेटा एनालिटिक्स और रिस्क-बेस्ड प्रोसेसिंग है। आयकर विभाग के पास TDS, AIS, फॉर्म 26AS, बैंक डिटेल्स, म्यूचुअल फंड ट्रांजैक्शन और SFT जैसी थर्ड-पार्टी जानकारी मौजूद है। अगर ITR में दी गई जानकारी इन आंकड़ों से पूरी तरह मेल नहीं खाती, तो रिटर्न अपने आप फ्लैग हो जाती है, जिससे प्रोसेसिंग धीमी पड़ती है।

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