RBI: मार्केट में जल्द आएंगे 100 और 200 रुपये के नए नोट, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने किया बड़ा ऐलान

रिपोर्ट की माने तो 2,000 रुपये के नोट बंद करने के बावजूद, देश में कैश का प्रचलन पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है। RBI के आंकड़ों पर नजर डालें तो कैश सर्कुलेशन मार्च 2024 तक 35.15 लाख करोड़ हो गया।
जल्द आएंगे 100 और 200 रुपये के नए नोट, RBI का बड़ा ऐलान
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मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 100 और 200 रुपये के नोटों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। दरअसल, भारतीय रिज़र्व बैंक जल्द ही 100 और 200 के नए नोट जारी करने वाला है, लेकिन इनके डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। रिजर्व बैंक ने जानकारी दी है कि इन नए नोटों पर गवर्नर संजय मल्होत्रा के हस्ताक्षर होंगे। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें हर नए गवर्नर की नियुक्ति के बाद उनके हस्ताक्षर वाले नोट जारी किए जाते हैं।

अब यह खबर पढ़ने  के बाद लोगों के मन में सवाल होगा कि क्या पुराने नोट चलन से बाहर हो जाएंगे? तो इसका जवाब है बिल्कुल नहीं! RBI ने साफ किया है कि पुराने 100 और 200 के नोट वैध रहेंगे और उन्हें बदला नहीं जाएगा। RBI ने कहा है कि ये नोट जल्द ही बैंकों और एटीएम में उपलब्ध होंगे। चलिए, अब जानते हैं कि कहां के लोग सबसे ज्यादा कैश इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही ये भी जानेंगे कि 2000 के नोट बंद होने के बाद भारत में कैश फ्लो कैसा रहा।

पहले ज्यादा बढ़ा कैश का प्रचलन

रिपोर्ट की माने तो 2,000 रुपये के नोट बंद करने के बावजूद, देश में कैश का प्रचलन पहले से भी ज्यादा बढ़ गया है। RBI के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलेगा कि मार्च 2017 में कैश सर्कुलेशन जहां, 13.35 लाख करोड़ था, वहीं मार्च 2024 तक यह बढ़कर हो 35.15 लाख करोड़ हो गया। इसके अलावा, UPI के जरिए डिजिटल लेन-देन भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मार्च 2020 में UPI ट्रांजैक्शन 2.06 लाख करोड़ था, वहीं फरवरी 2024 तक यह बढ़कर हो गया 18.07 लाख करोड़ हो गया। जबकि, पूरे 2024 की बात करें तो इस साल डिजिटल ट्रांजैक्शन लगभग 172 बिलियन का हुआ है। बिजनेस सेक्टर की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें…

इन राज्यों में ATM से निकाले गए सबसे ज्यादा कैश

रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक में FY'24 के दौरान सबसे ज्यादा ATM से पैसा निकाला गया। दरअसल, त्योहारों और चुनावों के दौरान नकदी की मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट की पहुंच सीमित है, इस वजह से भी यहां के लोग कैश का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं।

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