तेल कंपनियों का वो बड़ा फैसला, जिससे सीधे घट सकते हैं हवाई जहाज के टिकट के दाम! जानें पूरी डिटेल

Jet Fuel Price: ऐसा माना जा रहा है कि ईंधन की कीमतों में कटौती के कारण एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत कम होगी और इंटरनेशनल उड़ानों के कीमतों पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
Jet Fuel Price
विदेशी उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में गिरावट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Jet Fuel Price: भारत से बाहर की यात्रा करने वालों की लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, तेल मार्केटिंग कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बड़े स्तर पर कटौती की है। जून महीने की समीक्षा में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल के दाम करीब 27 प्रतिशत तक कम हो चुके हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि ईंधन की कीमतों में कटौती के कारण एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत कम होगी और इंटरनेशनल उड़ानों के कीमतों पर भी इसका सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। हालांकि, घरेलू उड़ानों के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

जेट फ्यूल की कीमतों में कितनी कटौती?

नए रेट्स के अनुसार, विदेशी एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल की कीमतों में 400 डॉलर प्रति किलोलीटर से ज्यादा की कटौती की गई है। पिछेल कुछ महीनों में ग्लोबल मार्केट में फ्यूल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण एयरलाइंस की लागतर लगातार बढ़ रही थी। अब कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट से अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों को राहत मिलेगी।

घरेलू विमानन कंपनियों को कोई राहत नहीं

बता दें कि मई में इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी। उससे पहले अप्रैल में भी ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तेजी के कारण जेट फ्यूल के दाम काफी बढ़ गए थे। ऐसे में जून में की गई कटौती एयरलाइंस के लिए राहत लेकर आई है। जहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सस्ता हुआ है, वहीं घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतें लगातार दूसरे महीने स्थिर रखी गई हैं। घरेलू विमानन कंपनियां अभी भी अप्रैल में तय रेट्स पर ही फ्यूल की खरीदारी कर रही हैं। इससे घरेलू विमानन कंपनियों की लागतर में कोई भी राहत नहीं मिली है।

क्या सस्ती होगी विदेशी हवाई यात्रा?

एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि जेट फ्यूल किसी भी विमान कंपनी की कुल ऑपरेशनल लागत का बड़ा हिस्सा होता है। हालांकि, ईंधन सस्ता होने से इंटरनेशनल उडानों का खर्च कम हो सकता है। लेकिन टिकटों की कीमतें कई अन्य कारकों जैसे- डिमांड, सीट उपलब्धता और वैश्विक परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है। इसलिए तुरंत टिकटों के सस्ते होने की उम्मीद करना थोड़ी जल्दबाजी होगी।

अगर आने वाले महीनों में ईंधन की कीमतें इसी तरह नरम बनी रहती हैं तो एयरलाइंस प्रतिस्पर्धा के चलते यात्रियों को सस्ते टिकटों का लाभ दे सकती हैं। इससे विदेश यात्रा करने वाले लोगों के लिए टिकट बुकिंग पहले की तुलना में काफी अधिक किफायती हो सकती है।

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