Narayan Murthy : इंफोसिस के फाउंडर के बयान से एक बार फिर मचा बवाल, 'मुफ्त की रेवड़ी' के लिए सरकार को घेरा

एन आर नारायण मूर्ति ने उद्यमियों के ग्रुप को संबोधित करते हुए कहा है कि मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप में से हर एक व्यक्ति सैकड़ों-हजारों नौकरियां पैदा करेगा और इसी तरह आप गरीबी से जुड़ी परेशानी का समाधान करेंगे।
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nr narayana murthy ने दिया बड़ा बयान। (सौ. X)
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नई दिल्ली : इंफोसिस के को फाउंडर एन आर नारायणमूर्ति एक बार फिर से अपने बयान को लेकर सवालों के घेरे में है। इंफोसिस के को फाउंडर एन आर नारायण मूर्ति ने कहा है कि मुफ्त की सरकारी स्कीमों से गरीबी दूर नहीं होगी, बल्कि इससे इनोवेटिव उद्यमियों के रोजगार सृजन से खत्म होगी।

टाइकॉन मुंबई 2025 कार्यक्रम में मूर्ति ने उद्यमियों से ज्यादा कंपनियां और कारोबार को बनाने पर ध्यान देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर हम इनोवेटिव उद्यमियों को बनाने में सक्षम हैं, तो गरीबी धूप वाली सुबह की ओस के जैसे गायब हो सकती है।

मुफ्त की रेवड़ी

एन आर नारायण मूर्ति ने उद्यमियों के ग्रुप को संबोधित करते हुए कहा है कि मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि आप में से हर एक व्यक्ति सैकड़ों-हजारों नौकरियां पैदा करेगा और इसी तरह आप गरीबी से जुड़ी परेशानी का समाधान करेंगे। आप मुफ्त की रेवड़ी देकर गरीबी की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, कोई भी देश इसमें सफल नहीं हुआ है।

फ्री इलेक्ट्रिसिटी का उदाहरण

इंफोसिस के को फाउंडर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मुफ्त में चीजें दिए जाने और उनकी लागत पर बहस छिड़ी हुई है। बाद में मूर्ति ने साफ किया कि उन्हें राजनीति या शासन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने पॉलियी फ्रेमवर्क के नजरिये से कुछ सिफारिशें की हैं। उन्होंने कहा कि लाभ के बदले में स्थिति में सुधार का भी आकलन किया जाना चाहिए। हर महीने 200 यूनिट तक फ्री इलेक्ट्रिसिटी का उदाहरण देते हुए मूर्ति ने कहा कि राज्य ऐसे घरों में 6 महीने के आखिर में सर्वेक्षण कर यह पता लगाया जा सकता कि बच्चे ज्यादा पढ़ रहे हैं या नहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि इन दिनों बेचे जाने वाले ज्यादातर कृत्रिम मेधा यानी एआई समाधान ‘मूर्खतापूर्ण, पुराने कार्यक्रम’हैं जिन्हें आने वाले समय के काम के रूप में प्रचारित किया जाता है। एआई में ‘मशीन लर्निंग’ और ‘डीप लर्निंग’ क्षमताएं शामिल हैं।

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