IATA ने विदेशी एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी करने पर जतायी आपत्ति

अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ एक इंटरनेशनल बिजनेस यूनिट है, जो दुनिया की करीब 300 एयरलाइन्स का प्रतिनिधित्व करता है। आईएटीए ने भारत से उड़ान भरने वाली विदेशी एयरलाइन्स को जीएसटी के मामले में कारण बताओ नोटिस मिलने पर नाराजगी जतायी है।
IATA said GST notices to foreign airlines may weaken Indias strong aviation capability
अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
Published on: 
Updated on: 

नई दिल्ली : ग्लोबल एयरलाइन ग्रुप आईएटीए ने भारत से उड़ान भरने वाली कुछ विदेशी एयरलाइन्स को लेकर एक्शन लिया है। आईएटीए ने भारत ने उड़ान भरने वाली कुछ विदेशी एयरलाइन को जीएसटी से जुड़े संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने पर चिंता जाहिर की है। साथ ही आईएटीए ने ये भी कहा है कि ऐसा करने से देश की विमानन क्षमता जो आज मजबूत परिस्थिति में है, वो भी प्रभावित हो सकती है

अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आईएटीए) ने सरकार से इस मामले को सुलझाने का आग्रह किया और कहा कि वह इस बात से निराश है कि जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने इस मामले पर उद्योग द्वारा कई अभ्यावेदन दिए जाने के बावजूद भारत में परिचालन करने वाली कुछ विदेशी एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

जीएसटी लागू होना चाहिए यह त्रुटिपूर्ण

आईएटीए भारतीय एयरलाइन कंपनियों सहित 330 से अधिक एयरलाइन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके सदस्यों की वैश्विक हवाई यातायात में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। आईएटीए के उत्तर एशिया एवं एशिया प्रशांत क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष (अंतरिम) शी जिंगक्वान ने बयान में कहा, ‘‘ डीजीजीआई का यह दावा कि विदेशी एयरलाइन (जिनके भारत में शाखा कार्यालय हैं) के मुख्यालयों द्वारा हवाई परिवहन सेवाएं प्रदान करने के दौरान किए गए व्यय पर जीएसटी लागू होना चाहिए...यह त्रुटिपूर्ण है।

मांग का सामना नहीं करना पड़ता

इसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन के प्रावधान में शामिल प्रकृति तथा परंपराओं को ध्यान में नहीं रखा गया है।'' उन्होंने कहा कि भारत ऐसा करने वाला अकेला देश है। विश्व में कहीं भी ऐसा नहीं होता। शी जिंगक्वान ने कहा, ‘‘ भारत से बाहर के गंतव्यों के लिए उड़ान भरने वाली भारतीय विमानन कंपनियों को ऐसी स्थिति या मांग का सामना नहीं करना पड़ता है।''

दायरे में करीब 10 विदेशी एयरलाइन

डीजीजीआई की जांच के दायरे में करीब 10 विदेशी एयरलाइन हैं। इन एयरलाइन को अक्टूबर 2023 से नोटिस मिल चुके हैं। आईएटीए ने इस मामले पर भारत सरकार को एक विस्तृत प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया था।

अंतर्राष्ट्रीय अनुसूचित हवाई यातायात का 94% हिस्सा

अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) एक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार निकाय है जिसकी स्थापना 1945 में एयरलाइनों के एक समूह द्वारा की गई थी। आज, IATA लगभग 300 एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करता है, जो अंतर्राष्ट्रीय अनुसूचित हवाई यातायात का 94% हिस्सा है।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

Navbharat Live
navbharatlive.com