Direct Tax : डायरेक्ट टैक्स से भर गई सरकार की झोली, इतने करोड़ की हुई है कर वसूली

शेयर बाजार में भारी गिरावट के बावजूद शेयरों के लेन-देन पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन करीब 56 प्रतिशत के उछाल के साथ 53,095 करोड़ रुपये रहा है।
इनकम टैक्स स्लैब
इनकम टैक्स (सौ. फाइल फोटो )
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नई दिल्ली : चालू वित्त वर्ष में टैक्स कलेक्शन को लेकर एक बेहद शानदार खबर आ रही है। बताया जा रहा है कि टैक्स कलेक्शन के माध्यम से सरकार के खजाने की पोटली भरते जा रही है। इसमें कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स रहा है, जो टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स से वसूलती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में मार्च तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 13.13 प्रतिशत की उछाल आयी है, जिसके साथ ये 21.26 लाख करोड़ रुपये रहा है।

डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन को लेकर जारी आंकड़ों के अनुसार, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में उछाल में एडवांस टैक्स में बढ़ोतरी को क्रेडिट जाता है। चालू वित्त वर्ष के दौरान, सरकार ने एडवांस टैक्स की 4 किस्तों से 14.62 प्रतिशत बढ़त के साथ 10.44 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 9.11 लाख करोड़ रुपये रहा था। चालू वित्त वर्ष के लिए अग्रिम टैक्स पे की अंतिम किस्त 15 मार्च, 2025 को था। कॉरपोरेट टैक्स कैटगरी के अंतर्गत एडवांस टैक्स कलेक्शन 12.54 फीसदी के ग्रोथ के साथ बढ़कर 7.57 लाख करोड़ रुपये हो गया है जबकि गैर-कॉरपोरेट कैटगरी में एडवांस टैक्स कलेक्शन 20.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2.87 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

इनकम टैक्स एक्ट की सेक्शन 208 के अनुसार, जिस व्यक्ति की अनुमानित टैक्स पे 10,000 रुपये से ज्यादा होने की संभावना है (स्रोत पर टैक्स डिडक्शन और कलेक्शन - टीडीएस और टीसीएस पर विचार करने के बाद) उसे उस साल एडवांस टैक्स का भुगतान करना जरूरी है और इसमें सैलरीड टैक्सपेयर भी शामिल हैं। एडवांस टैक्स का भुगतान 4 किस्तों- वित्त वर्ष के दौरान 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च तक किया जाता है।

सीबीडीटी ने टैक्स कलेक्शन के जो आंकड़ें जारी किया है उसके अनुसार, नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन जिसमें मुख्य रूप से इनकम टैक्स शामिल है सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर लगभग 11.01 लाख करोड़ रुपये हो गया है। जबकि 1 अप्रैल, 2024 और 16 मार्च, 2025 के बीच कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन सिर्फ 7 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 9.69 लाख करोड़ रुपये रहा है।

शेयर बाजार में भारी गिरावट के बावजूद शेयरों के लेन-देन पर लगने वाले सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन करीब 56 प्रतिशत के उछाल के साथ 53,095 करोड़ रुपये रहा है जबकि पिछले वित्त वर्ष में समान अवधि में 34131 करोड़ रुपये का कलेक्शन देखने को मिला था। इस अवधि के दौरान 4.60 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के रिफंड जारी किए गए, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 3.47 लाख करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए थे। वित्त वर्ष 2024-25 में संशोधित अनुमानों में सरकार ने इनकम टैक्स कलेक्शन 12.57 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है, जो बजट अनुमान 11.87 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है।

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