Gold-Silver Rate Today: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी, 2,000 रूपए फिसला सिल्वर, गोल्ड 676 रूपए सस्ता

Gold-Silver Rate: गुरुवार को MCX पर सोना ₹1,57,701 और चांदी ₹2,60,453 तक गिर गई। US डॉलर मजबूत होने और मजबूत जॉब डेटा से अंतरराष्ट्रीय मेटल्स में भी कमजोरी आई।
Gold-Silver Prices 12 Feb
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gold-Silver Prices 12 Feb: गुरुवार, 12 फरवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट मुख्य रूप से US डॉलर के मजबूत होने और अंतरराष्ट्रीय बुलियन की कीमतों में कमजोरी के चलते हुई।

MCX पर अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने की कीमत 0.47% गिरकर ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव ₹1,58,755 था। दिन के दौरान सोने ने ₹1,57,701 का निचला स्तर छुआ। इस समय सोने का भाव ₹1,58,079 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹676 या 0.43% की गिरावट दर्शाता है।

चांदी की कीमतों में गिरावट जारी

चांदी के मार्च कॉन्ट्रैक्ट का रेट ₹2,61,361 प्रति किलोग्राम पर खुला, जो ₹1,657 या 0.63% कम था, जबकि पिछला बंद भाव ₹2,63,018 था। दिन में चांदी का इंट्राडे लो ₹2,60,453 दर्ज किया गया। इस समय MCX पर चांदी की कीमत ₹2,61,068 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रहा था, जो ₹1,950 या 0.74% की गिरावट दर्शाता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर रही। जनवरी में उम्मीद से बेहतर जॉब डेटा आने के बाद US डॉलर मज़बूत हुआ, जिससे सोने और चांदी पर दबाव बढ़ गया। मज़बूत डॉलर विदेशी निवेशकों के लिए इन मेटल्स को महंगा बनाता है। इससे US फेडरल रिजर्व द्वारा शॉर्ट-टर्म इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदें कम हो गईं।

पिछले सेशन में 1% से अधिक बढ़ने के बाद, स्पॉट गोल्ड 0.4% गिरकर $5,058.64 प्रति औंस पर आ गया। अप्रैल डिलीवरी के लिए US गोल्ड फ्यूचर्स 0.3% गिरकर $5,080 प्रति औंस पर बंद हुए। इसी तरह, स्पॉट सिल्वर 1.4% गिरकर $82.87 प्रति औंस पर आ गई, जबकि पिछले सेशन में यह 4% बढ़ चुकी थी।

 US इन्फ्लेशन डेटा पर ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशक अब शुक्रवार को आने वाले US इन्फ्लेशन डेटा पर ध्यान लगाए हुए हैं, जो मॉनेटरी पॉलिसी की दिशा के लिए संकेत देंगे। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुझान जनवरी के मजबूत रोजगार आंकड़ों और डॉलर रैली की वजह से बना हुआ है।

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