डेलीहंट की पेरेंट कंपनी VerSe Innovation के साथ जुड़े PR Ramesh, स्टार्टअप को अब मिलेगी नई उड़ान

PR Ramesh: रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से मिली जानकारी के मुताबिक, रमेश और VerSe के फाउंडर्स उमंग बेदी और वीरेंद्र गुप्ता के अलावा, कंपनी के बोर्ड में Z47 के विक्रम वैद्यनाथन समेत कई डायरेक्टर हैं।
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पीआर रमेश, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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PR Ramesh Joins VerSe Innovation: डेलॉइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश, न्यूज एग्रीगेटर डेलीहंट, कॉल और चैट ऐप जोश की पेरेंट कंपनी वर्से इनोवेशन में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर शामिल हुए हैं। कंपनी ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि वर्से में रमेश बोर्ड की ऑडिट कमिटी के चेयरमैन भी होंगे और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग इंटीग्रिटी, इंटरनल कंट्रोल्स, एंटरप्राइज रिस्क मैनेजमेंट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और ऑडिट प्रोसेस की देखरेख करेंगे।

इन दिग्गज कंपनियों में काम कर चुके हैं रमेश

रमेश अभी एयर इंडिया, सिप्ला, नेस्ले इंडिया और लार्सन एंड टूब्रो जैसी कई जानी-मानी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों के बोर्ड में काम कर रहे हैं या कर चुके हैं। वर्से के बोर्ड में उनकी नियुक्ति लगभग एक साल बाद हुई है, जब कंपनी के तत्कालीन ऑडिटर, डेलॉइट ने फिस्कल ईयर 2024 के लिए कंपनी के इंटरनल कंट्रोल्स में कुछ दिक्कतों को उठाया था। उन्होंने कहा था कि इन मटीरियल कमजोरियों से ऑपरेटिंग खर्च, ट्रेड पेएबल्स और एक्सपेंस अकाउंट बैलेंस सहित अकाउंटिंग के मामलों में गलत स्टेटमेंट हो सकता है। हालांकि, अपनी ऑडिट रिपोर्ट में, डेलॉइट ने यह भी कहा था कि इन बड़ी कमजोरियों का कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल्स पर उसकी राय पर कोई असर नहीं पड़ा।

कंपनी को $2 बिलियन से ज्यादा का फंड

बेंगलुरु की VerSe Innovation, जिसने अपनी शुरुआत से अब तक $2 बिलियन से ज्यादा का फंड जुटाया है, को कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB), ओंटारियो टीचर्स पेंशन फंड, जेम्स मर्डोक की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म लूपा सिस्टम्स और Z47 (पहले मैट्रिक्स पार्टनर्स) जैसी कंपनियों का सपोर्ट है। इसने पिछली बार 2022 में CPPIB की लीडरशिप में एक फंडिंग राउंड में $805 मिलियन जुटाए थे, जिसकी वैल्यू लगभग $5 बिलियन थी।

कंपनी ज्वॉइन करने से पहले रमेश का बयान

रमेश ने एक बयान में कहा कि VerSe ने भारत के डिजिटल लैंडस्केप में काफी बड़े लेवल का बिजनेस बनाया है। इस स्केल के साथ यह जिम्मेदारी भी आती है कि गवर्नेंस सिस्टम, फाइनेंशियल कंट्रोल और रिस्क ओवरसाइट ग्रोथ के साथ तालमेल बनाए रखें। मजबूत इंस्टीट्यूशन न केवल इनोवेशन पर, बल्कि डिसिप्लिन और अकाउंटेबिलिटी पर भी बनते हैं। मैं इन प्रिंसिपल्स को और मजबूत करने और एक ऐसे गवर्नेंस फ्रेमवर्क को बनाने में मदद करने के लिए बोर्ड और मैनेजमेंट टीम के साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूं जो लगातार, जिम्मेदार ग्रोथ को सपोर्ट करे।

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से मिली जानकारी के मुताबिक, रमेश और VerSe के फाउंडर्स उमंग बेदी और वीरेंद्र गुप्ता के अलावा, कंपनी के बोर्ड में Z47 के विक्रम वैद्यनाथन, लूपा सिस्टम्स के नितिन कुकरेजा, CPPIB के प्रकुल कौशिवा, बेल्जियम के इन्वेस्टर सोफीना की याना कचुरिना, कार्लाइल ग्रुप के नीरज भारद्वाज, अल्फा वेव ग्लोबल के उत्सव मित्रा और ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान के दीपक दारा डायरेक्टर हैं।

किस तरह कंपनी का मदद करेंगे रमेश

बेदी ने बयान में कहा कि एक ऐसी कंपनी बनाने के लिए जो समय की कसौटी पर खरी उतरे, मजबूत गवर्नेंस और फाइनेंशियल डिसिप्लिन बहुत जरूरी हैं। जैसे-जैसे VerSe मैच्योर होता जाएगा और सस्टेनेबल ग्रोथ पर अपना फोकस और तेज करेगा, उनका (रमेश का) नजरिया हमारे गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स को मजबूत करने और स्टेकहोल्डर्स का भरोसा मजबूत करने में मददगार होगा।

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