अब देश में कहीं भी पाएं अपनी पेंशन! EPFO के नए नियम से पीएफ क्लेम खारिज होने का झंझट खत्म

EPFO System: ईपीएफओ के सब्सक्राइबर्स के लिए खुशखबरी है। नए आईटी सिस्टम से PF क्लेम खारिज होने की संभावना कम होगी। 15 जुलाई तक 34 करोड़ खातों में 8.25% की दर से 1.44 लाख करोड़ का ब्याज आएगा।
EPFO System: New Centralised IT Portal Will Reduce PF Claim Rejections For All Subscribers In India
EPFO (सोर्स-सोशल मीडिया)
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EPFO System New Centralised IT Portal Will Reduce PF Claim Rejections: एंप्लॉयीज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के करोड़ों सदस्यों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर सामने आई है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि EPFO ने एक नया सेंट्रलाइज्ड आईटी सिस्टम बनाकर तैयार किया है। इसके लागू होने से सभी क्षेत्रीय और फील्ड कार्यालयों के सदस्यों के सारे रिकॉर्ड अब एक ही नेशनल डेटाबेस में आ गए हैं। अब कोई भी सदस्य देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में जाकर आसानी से आवेदन करके तुरंत सेवा प्राप्त कर सकता है।

इस नए तकनीकी सिस्टम के आने से पीएफ क्लेम खारिज होने की गुंजाइश अब पहले के मुकाबले बहुत ही कम हो जाएगी। पहली बार इसी नए सिस्टम के जरिए ईपीएफ के सालाना ब्याज की ऑटो-प्रोसेसिंग का काम बहुत ही तेजी से किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 का 8.25 प्रतिशत की दर से ईपीएफ का ब्याज लगभग 34 करोड़ खातों में 15 जुलाई तक भेजा जाएगा। पहले इस पूरी प्रक्रिया में अक्टूबर या नवंबर तक का लंबा समय लग जाता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड हो गई है।

दावों का तुरंत होगा निपटारा

नए नियमों के अनुसार 5 लाख रुपये तक के क्लेम के ऑटो सेटलमेंट के तहत अब उसी दिन पैसा बैंक खाते में चला जाएगा। फाइनल पीएफ सेटलमेंट के मामले में अब ब्याज की गणना पेमेंट ऑथराइजेशन की तारीख तक पूरी तरह से की जाएगी जिससे सीधा फायदा होगा। पहले यह गणना केवल पिछले महीने के अंतिम दिन तक ही की जाती थी जिससे कर्मचारियों को ब्याज का कुछ आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था। इस नए और आधुनिक सिस्टम से 15 जुलाई तक सभी खातों में कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ब्याज पहुंच जाएगा।

बुजुर्ग पेंशनर्स को मिली बड़ी सहूलियत

इस बड़े बदलाव से ईपीएस पेंशनर्स को भी भारी राहत मिली है, क्योंकि अब वे किसी भी पीएफ कार्यालय से अपनी सेवा ले सकेंगे। वे अपना जीवन प्रमाण पत्र किसी भी कार्यालय में जमा कर सकते हैं और देश में कहीं भी अपने बैंक खाते में पेंशन ले सकते हैं।

पहले उन्हें केवल उसी विशेष ब्रांच कार्यालय से पेंशन मिलती थी, जहां उनका पेंशन पेमेंट ऑर्डर आधिकारिक रूप से पूरी तरह से लिंक होता था। इस नई और बेहतर व्यवस्था से बुजुर्ग पेंशनर्स को बार-बार अपने पुराने कार्यालय के चक्कर लगाने की भारी परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी।

पीएफ खातों का होगा ऑटोमैटिक ट्रांसफर

जॉब बदलने पर आधार से जुड़े यूएएन वाले सभी पीएफ खातों का अब बिना किसी परेशानी के पूरी तरह से ऑटोमैटिक ट्रांसफर तुरंत हो जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारी की सर्विस हिस्ट्री भी अपने आप ट्रांसफर हो जाएगी, जिससे पेंशन पात्रता के लिए उनकी सेवा काल निरंतर बनी रहेगी।

पहले नौकरी बदलने पर पिछले और नए नियोक्ता के साथ ईपीएफओ कार्यालय की मंजूरी की काफी ज्यादा जरूरत होती थी जो बहुत लंबी प्रक्रिया थी। सर्विस हिस्ट्री ट्रांसफर करने के लिए सदस्यों को अलग से क्लेम करना होता था, लेकिन अब पोर्टल पर यह सब बहुत आसान हो गया है।

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