भारत पर 25% टैरिफ का ऐलान, ट्रंप के फैसले का शेयर बाजार पर कितना असर

Share Market Today: ट्रंप की इस घोषणा से पहले ही विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि 20 प्रतिशत या इससे अधिक की टैरिफ भारत के लिए नुकसानदायक साबित होगी। इससे फॉर्मा और टेक्सटाइल सेक्टर पर असर पड़ेगा।
Donald Trump Tariff Effect in Share Market
(कॉन्सेप्ट फोटो)
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Trump Tariffs Effect In Share Market: घरेलू शेयर बाजार में आज गुरुवार, (31 जुलाई, 2025) को बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ और रूस के ट्रेड करने पर जुर्माना लगाने की घोषणा कर दी है, जो कि 1 अगस्त से लागू होंगे। ट्रंप के इस फैसले का घरेलू शेयर बाजार पर क्या असर होगा, इसको लेकर निवेशकों चिंतित हैं। मार्केट के जानकारों का कहाना है कि 31 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार में इस फैसले की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।

ट्रंप की इस घोषणा से पहले ही विश्लेषकों ने संकेत दिया था कि 20 प्रतिशत या इससे अधिक की टैरिफ भारत के लिए नुकसानदायक साबित होगी। अब जब अमेरिकी प्रशासन ने 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है तो निवेशकों में सतर्कता का रुक देखने को मिल सकता है।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव संभव

द मिंट के रिपोर्ट के मुताबिक, इनवैसेट पीएमएस के फंड मैनेजर अनिरुद्ध गर्ग ने कहा कि गुरुवार को बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव संभव है। उन्होंने कहा कि एक्सपायरी के दिनों में अस्थिरता बढ़ जाती है क्योंकि व्यापारी अफनी पोजीशन आगे बढ़ाते हैं। गिफ्टी निफ्टी पहले से ही निगेटिव संकेत दे रहा है, इसलिएय यह भावना घरेलू बाजारों में भी दिख सकती है।

ट्रंप पटलने में माहिर

वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी रणनीति निदेशक, क्रांति बाथिनी ने शेयर बाजार में बड़ी गिरावट की भविष्यवाणी करने से परहेज किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाजार में किसी अचानक प्रतिक्रिया की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बाथिनी के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में अचानक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है, लेकिन ट्रंप के साथ समस्या यह है कि वह हमेशा ही अपने बातों से पलट जाते हैं, जो उनकी अनिश्चिता को दर्शाता है।

किस सेक्टर में सबसे ज्यादा असर

अमेरिका द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने से भारत के फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री पर ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। जिससे जान फॉर्मा, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज और ल्यूपिन जैसी कंपनियों के लिए बड़ा झटका हो सकता है। गौरतलब है कि घरेलू दवा निर्माता कंपनियां अपने कुल निर्यात के आधे से ज्यादा हिस्से के लिए अमेरिकी बाजार पर निर्भर रहती हैं। जेम्स एंड ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल से जुड़े शेयर को प्रभावित होने की आशंका है।

बुधवार को कैसा रहा शेयर बाजार

बीते दिन यानी की बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में थोड़ी तेजी रही थी। कारोबार के आखिरी में बीएसई सेंसेक्स 143.9 अंक या 0.18 प्रतिशत की उछाल के साथ 81,481.86 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 281.01 अंक चढ़ गया था। वहीं एनएसई निफ्टी 33.95 अंक या 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,855.05 अंक पर क्लोज हुआ। विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका-भारत के साथ जारी व्यापार समौझौते को लेकर अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों के बिकवाल होने से बाजार में तेजी पर रोक लगा दिया।

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