Budget 2026 Analysis: 'विकसित भारत' की ओर बढ़ता मजबूत कदम, बजट को लेकर क्या बोले CM मोहन यादव?

Mohan Yadav: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट 2026 को सर्वसमावेशी बताते हुए पीएम मोदी का आभार जताया है। जानें कैसे यह बजट एमपी और देश की अर्थव्यवस्था को बदलेगा।
CM Mohan Yadav Budget Reaction
मोहन यादव (फोटो-सोशल मीडिया)
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CM Mohan Yadav Budget Reaction: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे भविष्योन्मुखी और ऐतिहासिक बताया है। रविवार को इंदौर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल अगले एक साल का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के नजरिये से पेश किया गया एक विजनरी दस्तावेज है।

सभी वर्गों के कल्याण पर केंद्रित बजट

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश इस बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने विशेष रूप से 'GYAN' (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) का उल्लेख करते हुए कहा कि इन चारों स्तंभों के सशक्तिकरण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बायोफार्मा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और टेक्सटाइल जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश से देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनेगा भारत

मुख्यमंत्री ने बजट में विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के लिए किए गए रणनीतिक आवंटन की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है। सरकार द्वारा किए गए उपायों से भारत विनिर्माण का ग्लोबल हब बनेगा, जिससे न केवल विदेशी मुद्रा आएगी बल्कि घरेलू उद्योगों को भी नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही, शहरी विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों से देश की आर्थिक वृद्धि को नई रफ्तार मिलेगी।

गंभीर बीमारियों की दवाएं होंगी सस्ती

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए सीएम यादव ने कैंसर और अन्य जानलेवा बीमारियों की दवाओं पर कर राहत देने के लिए पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दवाओं के दाम कम होने से मध्यम और गरीब वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

मध्य प्रदेश को मिलेगा बड़ा हिस्सा

मुख्यमंत्री ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.30 प्रतिशत पर सीमित रखने के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने बताया कि वित्त आयोग के अनुदान के रूप में राज्यों को 1.40 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ मध्य प्रदेश के विकास कार्यों को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, आयकर प्रक्रिया को सरल बनाने से छोटे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी, जो देश की अर्थव्यवस्था में ईमानदारी से योगदान दे रहे हैं।

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