EPFO मेंबर्स के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने शेयर की पोस्ट

आपको बता दें कि सरकार ने इस योजना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को दिसंबर के महीने में ही पूरा कर लिया था। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2024 तक करीब 68 लाख से ज्यादा ईपीएस पेंशनर्स को लगभग 1570 करोड़ रुपये पेंशन बांटी गई है।
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ईपीएफओ (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : ईपीएफओ के करोड़ों कर्मचारियों के लिे एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ रही है। केंद्र सरकार ने ईपीएफओ के करोड़ो कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के अंतर्गत पूरे भारत में ईपीएफओ के सभी रीजनल ऑफिस में सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम यानी सीपीपीएस को पूरी तरह से लागू किया गया है।

सरकार ने इस योजना से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को दिसंबर के महीने में ही पूरा कर लिया था। बताया जा रहा है कि दिसंबर 2024 तक करीब 68 लाख से ज्यादा एंप्लॉयी पेंशन स्कीम यानी ईपीएस पेंशनर्स को लगभग 1570 करोड़ रुपये पेंशन के तौर पर बांटे जा चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने इसको लेकर कहा है कि इस नए बदलाव के बाद पेंशनर्स को देश के किसी भी और कहीं के भी बैंक, किसी भी ब्रांच से अपनी पेंशन निकालने में कोई दिक्कत नहीं होने वाली है। इस फैसले का सीधा मतलब है कि अब ईपीएफओ पेंशनर्स देश के किसी भी रीजनल ईपीएफओ ऑफिस से अपनी पेंशन निकाल सकते हैं। जानकारी के अनुसार, सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम को भारत के सभी 122 रीजनल ईपीएफओ ऑफिस में लागू कर दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पोस्ट की जानकारी

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के ऑफिशियल अकाउंट पर इससे जुड़ी एक पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी है। उन्होंने इस पोस्ट में लिखा है कि इस नई योजना के कारण फिजिकल वैरिफिकेशन की जरूरत बंद हो जाएगी और पेंशन डिस्ट्रीब्यूशन को बेहद आसान तरीके से बांटा जा सकता है। इस रोलआउट के साथ हम पेंशन सर्विस डिस्ट्रीब्यूशन में एक नया क्राइटेरिया सेट करने जा रहे हैं।

https://twitter.com/mansukhmandviya/status/1875134700135838162

सीपीपीएस का पहला पायलट प्रोजेक्ट

केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने बताया है कि सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम के माध्यम से ईपीएफओ सर्विस गको एडवांस बनाने और पेंशनर्स के लिए सुविधा के साथ ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने को लेकर हम प्रतिबद्ध है। आपको जानकारी दें कि सीपीपीएस का पहला पायलट प्रोजेक्ट अक्टूबर 2024 में जम्मू कश्मीर के करनाल, श्रीनगर और जम्मू ऑफिस में सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था।

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