OLA-Uber की पकड़ी गई चालाकी! iPhone और Android पर दिखाते थे अलग-अलग किराया, सरकार ने भेजा नोटिस

कंपनियों को भेजे गए नोटिस के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए के माध्यम से ओला और उबर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
केंद्र सरकार ने Ola-Uber को भेजा नोटिस
प्रतीकात्मक तस्वीर
Updated on

नई दिल्ली: कैब सर्विस प्रोवाइडर ओला (OLA) और उबर (UBER) को नोटिस जारी करते हुए केंद्र सरकार ने जवाब मांगा है। सरकार ने दोनों कंपनियों से पूछा है कि अलग-अलग फोन यूजर्स के लिए किराए के रूप में अलग चार्ज क्यों दिखाए जा रहे हैं? सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने यह जानकारी साझा की है।

न्यूज एंजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने गुरुवार, 23 जनवरी को कहा कि सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने कैब सर्विस प्रोवाइडर औल और उबर को यूजर्स के मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड (Android) और आईओएस (IOS) के आधार पर एक ही जगह की यात्रा के लिए कथित रूप से अलग-अलग चार्च दिखाए जाने के लिए नोटिस जारी किया है।

केंद्र सरकार ने मांगी जवाब

कंपनियों को भेजे गए नोटिस के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए के माध्यम से प्रमुख कैब सर्विस प्रोवाइडर ओला और उबर को नोटिस जारी कर अलग-अलग मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम (आईफोन और एंड्रायड) के जरिए एक ही जगह की बुकिंग के लिए अलग-अलग चार्ज करने पर उनसे जवाब मांगा है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पिछले महीने उपभोक्ता शोषण को कतई बर्दाश्त नहीं करने की बात कही थी और सीसीपीए से इन आरोपों की गहन जांच करने को कहा था। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को उपभोक्ताओं के पारदर्शिता के अधिकार की अवहेलना बताया था।

सोशल मीडिया पोस्ट से सामने आया मामला

दिसंबर 2024 में यह मामला तब तूल पकड़ लिया था जब एक एक्स यूजर ने दो फोन की तस्वीर शेयर की थी, जिसमें उबर ऐप पर एक विशेष स्थान के लिए कथित तौर पर अलग-अलग किराए दिखाए गए थे। जैसे ही वो पोस्ट वायरल हुआ, तब उबर ने आरोपों का जवाब देते हुए इस बात से इनकार किया कि फोन की वजह से अलग-अलग किराए दिखाए गए।

Navbharat Live
navbharatlive.com