IPEF के साथ मंत्रिमंडल ने साइन किया स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौता

आईपीईएफ ने 14 नवंबर, 2023 को स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिए व्यापक समझौते पर बातचीत पूरी की। ये दोनों समझौते कम से कम पांच आईपीईएफ भागीदारों के समर्थन, स्वीकृति या अनुमोदन के लिए अपनी आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद लागू होंगे।
Cabinet approves signing of IPEFs Clean and Fair Economy Agreement
आईपीईएफ ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था समझौते को साइन करके मंजूरी दे दी है। आपको बता दें कि सोमवार को वाणिज्य मंत्रालय के प्रस्ताव को 14 सदस्यीय आईपीईएफ यानी समृद्धि के लिए भारत-प्रशांत आर्थिक रूपरेखा समूह के साथ समझौतों पर साइन करने की मंजूरी दे दी है।

जून में सिंगापुर में आईपीईएफ समूह के 13 सदस्यों ने इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये। जबकि भारत ने कहा कि वह घरेलू मंजूरी मिलने के बाद समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। एक अधिकारी ने कहा कि इन समझौतों पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने सोमवार को अपनी बैठक में मंजूरी दे दी।

आईपीईएफ भागीदारों के प्रयासों में तेजी लाना

स्वच्छ अर्थव्यवस्था पर समझौते का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा और बदलाव, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने, जीएचजी (ग्रीनहाउस गैस) उत्सर्जन में कमी, जीवाश्म ईंधन ऊर्जा पर निर्भरता को कम करने के नये-नये तरीकों को तलाशना/विकसित करना, तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना तथा कार्यबल विकास की दिशा में आईपीईएफ भागीदारों के प्रयासों में तेजी लाना आदि है।

जानकारी का आदान-प्रदान करना

यह समझौता निवेश, सस्ता वित्तपोषण, संयुक्त रूप से परियोजनाओं के विकास, कार्यबल विकास और तकनीकी सहायता की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा, निष्पक्ष अर्थव्यवस्था पर समझौते का उद्देश्य अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद कारोबारी माहौल बनाना है, जो सदस्य देशों के बाजारों में व्यापार और निवेश को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही भ्रष्टाचार विरोधी ढांचे को मजबूत करके भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, कर पारदर्शिता में सुधार के प्रयासों का समर्थन करना और सक्षम प्राधिकरणों के बीच कर उद्देश्यों के लिए जानकारी का आदान-प्रदान करना है।

टोक्यो में संयुक्त रूप से गठन किया

अमेरिका और भारत-प्रशांत क्षेत्र के अन्य भागीदार देशों ने 14 सदस्यीय आईपीईएफ समूह को 23 मई, 2022 को टोक्यो में संयुक्त रूप से गठन किया था। इन देशों की दुनिया के आर्थिक उत्पादन में 40 प्रतिशत, जबकि व्यापार में 28 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, फिजी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, कोरिया गणराज्य, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलिपीन, सिंगापुर, थाइलैंड, अमेरिका और वियतनाम समूह के सदस्य देश हैं। आईपीईएफ ने 14 नवंबर, 2023 को स्वच्छ और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था और समृद्धि के लिए व्यापक समझौते पर बातचीत पूरी की।

आपूर्ति श्रृंखला पर समझौते पर हस्ताक्षर

ये दोनों समझौते कम से कम पांच आईपीईएफ भागीदारों के समर्थन, स्वीकृति या अनुमोदन के लिए अपनी आंतरिक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद लागू होंगे। समूह पहले ही नवंबर, 2023 में आपूर्ति श्रृंखला पर समझौते पर हस्ताक्षर कर चुका है।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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